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काला धन लाने की जगह मोदी ने भरी धन्नासेठों की तिजोरी : मायावती

Wed, 15 Feb 2017 10:56 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
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रायबरेली में संबोधन करतीं मायावती। - फोटो : अमर उजाला
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बसपा की राष्ट्र्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बुधवार को कहा कि रायबरेली कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, लेकिन अब यह गढ़ टूट चुका है। सपा सरकार के पांच साल में उत्तर प्रदेश भ्रष्टाचार और अराजकता से जकड़ा रहा। विदेशों से कालाधन वापस लाने का वादा करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी ने सिर्फ अपने चहेतों और धन्नासेठों को फायदा पहुंचाया। कांग्रेस ने अपने वसूलों से हटकर राजनीतिक स्वार्थ की खातिर सपा के साथ गठबंधन किया है। 
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शहर के जीआईसी द्वितीय ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि रायबरेली अब कांग्रेस का गढ़ नहीं रहा। कांग्रेस का प्रदेश में 37 और केंद्र में 54 वर्षों तक शासन रहा, लेकिन उनकी गलत नीतियों, गलत कार्यों के कारण आज यहां का विकास नहीं हो पाया। विकास के मामले में रायबरेली प्रदेश के सबसे पिछड़े जिले में शामिल है। कांग्रेस ने अपने स्वार्थ और बीजेपी के इशारे पर सपा के साथ गठबंधन किया है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विकास करने की बात कहते हैं, लेकिन पांच साल तक प्रदेश में गुंडों, अपराधियों व भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा। मायावती ने कहा कि सपा ने अपने कार्यकाल में कोई नई योजना नहीं चलाई। बसपा की योजनाओं को ही नाम बदलकर चलाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सपा में फूट पड़ गई है। पिता मुलायम सिंह यादव व भाई शिवपाल यादव को जनता के सामने अपमानित किया गया। दो गुटों में बंटी सपा एक-दूसरे को हराने का काम कर रही है।
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पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ढाई साल में केंद्र सरकार ने विकास के नाम पर कुछ नहीं किया। उन्होंने वादा किया था कि सरकार बनने पर 100 दिन में विदेश में जमा कालाधन वापस लाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गरीब परिवारों को 15 से 20 लाख रुपये देने का वादा झूठा साबित हुआ है। पीएम ने राजनीतिक स्वार्थ के लिए 500 और एक हजार रुपये के नोट बंद कर दिए। इस फैसले से लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं।

भाजपा सरकार अल्पसंख्यकों खासकर मुस्लिमों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। अलीगढ़, जामिया कॉलेजों का अल्पसंख्यक का दर्जा छीनने का प्रयास किया।  कहा कि रुपयों के बल पर ओपिनियन पोल कराए जा रहे हैं, पर इस पर ध्यान न दें। वर्ष 2007 में ओपनियन पोल में बसपा को पीछे दिखाया जा रहा था, जब नतीजे आए तो सरकार हमारी बनी। पूर्व सीएम यहां सदर से बसपा प्रत्याशी मो. शहबाज, सरेनी से ठाकुर प्रसाद, ऊंचाहार से विवेक सिंह, हरचंदपुर से मनीष सिंह, बछरावां से श्याम सुंदर भारती, सलोन से बृजलाल पासी के समर्थन में सभा करने आई थी।   
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