पेड़ कटवाने के बाद पुलिस से होती नोकझोंक।
नसीराबाद (रायबरेली)। नसीराबाद देहात गांव में डेंगरा तालाब के बंधे पर लगे पेड़ों को काटने पर ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों ने मौके पर आई राजस्व व पुलिस टीम के अलावा श्रमिकों के साथ मारपीट की। इसमें एक इंस्पेक्टर व महिला पीआरडी जवान को चोटें आईं। बाद में फोर्स पहुंचने पर मामला शांत हुआ।
करीब 20 साल पहले नसीराबाद देहात गांव में डेंगरा तालाब के बंधे पर ग्राम सभा की तरफ से यूकेलिप्टस के पेड़ लगवाए गए थे। तालाब के पास एक पुराना शिव मंदिर भी बना हुआ है। गांव के दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति ने उस जमीन को अपना बताकर यूकेलिप्टस के पेड़ कटवाने शुरू कर दिए।
इस पर ग्रामीण उग्र हो गए। ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर तालाब के किनारे पहुंच गए और मारपीट शुरू कर दी। जानकारी पर नायब तहसीलदार शमीम अहमद, कानूनगो अमर बहादुर सिंह व इंस्पेक्टर गोविंददास पुलिस बल के साथ मौके पहुंचे। नायब तहसीलदार ने ग्रामीणों को बताया कि एसडीएम के निर्देश पर पेड़ काटे जा रहे हैं।
पेड़ कटने की सूचना पर धीरे-धीरे गांव के सैकड़ों लोग पहुंच गए और पेड़ काटने से मना कर दिया। पेड़ काटने वाली मशीन भी छीन ली। इस दौरान इंस्पेक्टर गोविंददास, महिला पीआरडी माधुरी को चोटें आईं। कानूनगो अमर बहादुर सिंह ने घटना की तहरीर थाने में दी है। थाना प्रभारी कमलेश कुमार ने बताया कि जांच बाद प्रकरण में कार्रवाई होगी।