जिले में 24 घंटे के अंदर डायरिया और बुखार से मासूम बच्ची समेत तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि 20 से अधिक लोग भर्ती किए गए हैं। जिला अस्पताल में बढ़ी रोगियों की तादाद से बेड भी फुल हो गए हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में इलाज कराने के लिए रोगियों में मारामारी मची है।
मौजूदा समय में प्रतिदिन 1700 से 1800 के बीच प्रतिदिन इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के डॉ. जय सिंह का कहना है कि मौसम में हुए बदलाव के चलते रोगियों की तादाद बढ़ी है। सबसे ज्यादा रोगी डायरिया और बुखार से संबंधित रहते हैं। बच्चे भी संक्रामक रोग के चपेट में आ रहे हैं।
महराजगंज तहसील क्षेत्र के हलोर गांव निवासी ओम प्रकाश पांडेय (58) को कई दिन से बुखार आ रहा था। हालत अधिक बिगड़ने पर उसे रविवार को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां देर रात उसकी मौत हो गई। सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के डोरी गांव की रहने वाली बिट्टू (2) उल्टी-दस्त से पीड़ित थी।
उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। महराजगंज तहसील क्षेत्र के पारा खारा गांव निवासी राम आसरे (65) की भी डायरिया की चपेट में आने से मौत हो गई।
भदोखर थाना क्षेत्र के राजापुर की रहने वाली सविता, झकरासी के राजीव शुक्ला, जगदीशपुर के नीरज , शिवगढ़ के नयापुरवा निवासी रजनी, लालगंज के बिंदा सिंह का पुरवा के ओम प्रकाश, गुरुबक्शगंज के पोरई की पारुल, सरेनी की मालिन का पुरवा के सलामुद्दीन, भगवानदीन, चंदौली की शालू सिंह, असहन जगतपुर की साजिदा, पूरे बन की मिथिलेश, शक्ति नगर की प्रीती श्रीवास्तव, खागीपुर सड़वा के मो. साहिल, दिनेश, शमशेर, इंदिरा नगर के राहुल, उमेश समेत 20 लोगों को डायरिया और बुखार से पीड़ित होने पर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। बढ़ते रोगियों की तादाद से अस्पताल के बेड फुल चल रहे हैं।
जिला अस्रोपताल के सीएमएस डाॅ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि राोगियाो की तादाद में इजाफा को देखते हुए इलाज की पूरी व्यवस्था की गई है। भर्ती करने के लिए बेड कम न पड़े, इसके लिए पहले से ही अतिरिक्त वार्ड बनाया गया है। यहां आने वाले रोगियों का बेहतर इलाज किया जा रहा है।