रायबरेली। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए बनाया जा रहा रिंग रोड फेज एक 14 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। फर्राटा भरने के लिए तैयार न हो पाने वाला रिंग रोड इन दिनों लोगों के कपड़े सुखाने के काम आ रहा है। निर्माण पूरा न होने से शहरवासियों को अब भी जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इस समय रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी गति काफी धीमी है।
करीब 210 करोड़ रुपये की लागत से 17 किलोमीटर लंबे रिंग रोड का निर्माण वर्ष 2012 में शुरू हुआ था। इसके लिए कई कंपनियों को जिम्मेदारी दी गई, लेकिन वे आधा-अधूरा काम छोड़कर चली गईं। वर्ष 2021 में निर्माण की जिम्मेदारी एनएच डिवीजन लखनऊ को सौंपी गई थी। इसे एक साल में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब तक काम अधूरा है।
पांच हाईवे को जोड़ेगा रिंग रोड
रिंग रोड रायबरेली-अयोध्या, रायबरेली-सुल्तानपुर, रायबरेली-जौनपुर, रायबरेली-लखनऊ और रायबरेली-प्रयागराज हाईवे को जोड़ेगा। इसका एक सिरा लखनऊ रोड पर हरचंदपुर के निकट डिडौली से शुरू होकर प्रयागराज हाईवे पर कुचरिया गांव के पास मिलेगा। निर्माण पूरा न होने से लखनऊ और प्रयागराज हाईवे का यातायात शहर के अंदर से गुजरता है। इससे जाम की समस्या बनी रहती है।
जनवरी 2027 तक पूरा होगा काम
एनएच लखनऊ के अधिशासी अभियंता राजकुमार ने बताया कि रिंग रोड का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। रेलवे ओवरब्रिज के अलावा 11 अन्य पुलों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। ओवरब्रिज का काम पूरा होते ही रिंग रोड आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। जनवरी 2027 तक इस पर यातायात शुरू होने की उम्मीद है।