रायबरेली। अपने एक दिवसीय दौरे पर यहां आई राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने निरीक्षण की शुरुआत हरचंदपुर विकास क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय से की, जहां जिला प्रशासन और पुलिस का पूरा अमला स्वागत को खड़ा नजर आया।
गेट पर ही गार्ड ऑफ ऑनर के बाद विद्यालय में दाखिल हुई राज्यपाल ने छात्राओं की क्लास लगाई और पाठ पढ़ाया। किसी से प्रार्थना सुनी तो किसी से राष्ट्रीय गीत। रहन-सहन और खानपान के बारे में पहले छात्राओं, फिर शिक्षिकाओं से पूछा।
विद्यालय में करीब एक घंटे का समय बिताया और छात्राओं को फल व उपहार भेंट किए। सुबह लगभग 10 बजे विद्यालय में दाखिल होते ही राज्यपाल का स्वागत छात्राओं ने कलर पार्टी और स्काउट बैंड से करते हुए गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
इसमें कक्षा छह से आठ तक की छात्राओं गुड़िया, अर्चना, मंजू, राखी, किरन, मुस्कान बानो, कोमल, रिंकी, काजल, रूबी, लक्ष्मी, वंदना, अंकिता, खुशी, सोमवती आदि ने भाग लिया। कक्षा आठ में राज्यपाल के पहुंचते ही छात्राओं ने विशेष ताली बजाकर स्वागत किया।
उन्होंने छात्राओं से पहले प्रार्थना कराई, फिर पूछा क्या पढ़ रही हो। छात्राओं ने डेस्क पर रखी अंग्रेजी की पाठ्य पुस्तक दिखाते हुए कहा कि द राइट चॉइस पाठ पढ़ रही हैं।
गवर्नर ने छात्राओं से योगा के बारे में पूछा और योग कराया तो छात्रा लक्ष्मी ने अनुलोम, विलोम, कपालभाति का अभ्यास करके दिखाया। कोई राष्ट्रीय गीत मालूम है तो सुनाओ, गर्वनर के यह पूछने पर छात्रा रोशनी ने सुनाया- नन्हा मुन्ना राही हूं, देश का सिपाही हूं...।
राज्यपाल ने पूरे विद्यालय परिसर में साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया, फिर एक कक्ष में छात्राओं व शिक्षिकाओं के साथ तख्त पर बैठकर बातें कीं।
वार्डन शिल्पी सिंह, शिक्षिका प्रियंका वर्मा, सरोज देवी, रंजीता, राखी सिंह, जाहिदा, प्रियंका यादव आदि से पूछा कि वे कौन-कौन से विषय पढ़ाती हैं। उनके पढ़ाने का तरीका कैसा है। छात्राएं पढ़ाई में रुचि लेती हैं कि नहीं।
रसोइयों मोनिका यादव और रूपल वर्मा से खानपान के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि नाश्ते में दूध, केला, पोहा दिया गया है। दोपहर के भोजन में दाल, सब्जी, रोटी, चावल परोसा जाएगा।
राज्यपाल के पूछने पर रसोइयों से मानदेय के बारे में पूछा, जिसे सुनकर राज्यपाल ने कहा कि इतने कम पैसे में काम करती हो। राज्यपाल ने छात्राओं से रसोई का कामकाज कराने की सलाह दी, कहा कि कभी-कभी उनसे सब्जी कटवाने, खाना बनवाने जैसा काम लिया करें।
साफ-सफाई में भी हाथ बंटाने के लिए कहें। विद्यालय स्टाफ व विभागीय अफसरों ने थोड़ा ऐतराज जताया और कहा कि इसके दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं या फिर मुद्दा बन सकता है।
इस पर राज्यपाल ने कहा कि यहां पढ़ने वाली छात्राएं आवासीय व्यवस्था के तहत रहती हैं। उनके घर और रसोई के कामकाज सीखने की यही उम्र होती है। काम कराने की नीयत से नहीं, बल्कि उनको सिखाने की नीयत से कम से कम हफ्ते में एक दिन काम लिया जा सकता है।
बीएसए पीएन सिंह ने कहा कि राज्यपाल ने सलाह दी है कि गृह विज्ञान विषय इन छात्राओं की पढ़ाई का हिस्सा है, जिसके प्रेक्टिकल के रूप में तो ऐसा कराया जा सकता है।