रायबरेली। विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच में आइस्क्रीम व आइस कैंडी समेत 18 नमूने फेल होने के बाद मिलावटखोरों के खिलाफ मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग मिलावटखोरों को नोटिस देने के साथ ही एफआईआर दर्ज कराएगा।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जिले भर में अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच में हनुमंतपुरम निवासी आदित्य सिंह, सेहंगो निवासी लवकुश, मिल्कियाना पूर्वी निवासी दिलदार अहमद, बनियापुरवा निवासी बंशीलाल साहू, अलावलपुर निवासी शिवशंकर, मिलएरिया निवासी अभिनव वर्मा, देवगनपुर धूता निवासी देवेंद्र प्रताप सिंह के दुकान से भरे आइस कैंडी के नमूने जांच में फेल आए। इसके अलावा अमावां निवासी माही आईस्क्रीम के संचालक, खीरों निवासी आशीष शुक्ला, धूरेमऊ सरेनी निवासी अंकित पाल की दुकान से ली गई आइस्क्रीम का नमूना फेल हुआ है।
इसके अलावा सेमरी चौराहा निवासी अमन गुप्ता की दलिया, त्रिपुला निवासी हिमांशू की बूंदी लड्डू, नसीराबाद निवासी रियाज अहमद के रिफाइंड ऑयल, लालगंज निवासी अमित जायसवाल व महेश कुमार के सरसों तेल, कहारो का अड्डा निवासी नूर आलम की नमकीन और त्रिपुला चौराहा निवासी नरेंद्र चौधरी के छेना मिठाई का नमूना फेल आया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मिलावटखोरों पर मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय डॉ. सीआर प्रजापति ने बताया कि 18 नमूनों की रिपोर्ट आई है। संबंधित दुकानों के संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।