हलोर। पारिवारिक न्यायालय के आदेश के अनुपालन में तहसील प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पत्नी सुनीता को भरण-पोषण भत्ता न देने पर पति धर्मवीर की भूमि की सार्वजनिक नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नायब तहसीलदार महराजगंज उमेश चंद्र त्रिपाठी ने नोटिस जारी कर नीलामी की तिथि घोषित कर दी है।
वर्ष 2022 में सुनीता ने पति धर्मवीर के खिलाफ भरण-पोषण भत्ता के लिए कुटुंब न्यायालय में वाद दायर किया था। पहाड़गंज मजरे मझिगंवा निवासी धर्मवीर को न्यायालय की ओर से कई बार नोटिस जारी किया गया लेकिन वह पेश नहीं हुए। पति के लगातार अनुपस्थित रहने और न्यायालय के आदेश का पालन न करने पर अपर प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय ने धर्मवीर के खिलाफ 26 हजार रुपये की वसूली का प्रमाण पत्र जारी किया।
मामले में लापरवाही को देखते हुए प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय ने तीन मार्च को धर्मवीर के हिस्से की भूमि नीलाम करने का निर्देश दिया। बकाया धनराशि न्यायालय के खाते में जमा कराने के आदेश दिए। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में तहसील प्रशासन ने गाटा संख्या 347 में धर्मवीर के हिस्से की भूमि का अंश निर्धारण किया।
भूमि की सार्वजनिक नीलामी 21 अक्तूबर को कराए जाने का आदेश जारी किया गया है। नीलामी अधिकारी एवं नायब तहसीलदार उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि नीलामी की सार्वजनिक सूचना जारी कर दी गई है। नीलामी से प्राप्त धनराशि न्यायालय के खाते में जमा कराई जाएगी।