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588 पुलिस कर्मियों के लिए 45 करोड़ से बनेंगे आवास और बैरकें

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रायबरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि दिनरात सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी जर्जर व किराए के भवनों में न रहें। इसके लिए जिले में काम शुरू हो गया है। पुलिस लाइंस के जर्जर भवनों में रह रहे पुलिसकर्मियों को जल्द ही नए भवन मिल जाएंगे। इसके लिए करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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पुलिस लाइंस में काफी पहले बनवाए गए आवास जर्जर हो गए हैं। विभाग मरम्मत करवाकर किसी तरह काम चला रहा है। शासन की मंशा पर पुलिस कर्मियों के रहने के लिए नए आवासों की व्यवस्था कराने का काम शुरू किया गया है। पुलिस लाइंस में ही नए बहुमंजिला आवास और बैरक बनवाए जाएंगे।
करीब नौ करोड़ की लागत से 150 सिपाहियों के रहने के लिए नौ मंजिला हॉस्टल और 38 महिला आरक्षियों के रहने के लिए ट्रांजिट बैरक बनवाने का काम शुरू हो गया है। महिलाओं के लिए ट्रांजिट बैरक भी चार मंजिला होगा। इसमें चार करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च होगी।
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पुलिस लाइंस में ही 200 की क्षमता का ट्रांजिट हॉस्टल 24 करोड़ में बनेगा। यह काम लोग निर्माण विभाग को दिया गया है। बहुमंजिला बनने वाले इन आवासों का काम विभाग अब तक शुरू नहीं करा पाया गया है, क्योंकि उसे कार्यदायी विभाग नहीं मिल पाए हैं।
जल्द ही यह काम भी शुरू हो सकता है। पीएसी में 200 सिपाहियों के लिए बहुमंजिला हॉस्टल बैरक 10 करोड़ में बनेगी। इसके लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शहर में पांच से छह मंजिला तक भवन भले ही बन चुके हैं, लेकिन अब पुलिस लाइंस में 12 मंजिला टॉवर पुलिस कर्मियों के लिए बनाए जाएंगे।
पीएसी परिसर में 11 मंजिल का एक टॉवर बनेगा, जबकि पुलिस लाइंस में 12-12 मंजिल के दो टॉवर बनाए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग जल्द ही यह काम शुरू कराएगा। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन डीके कुरील का कहना है कि अब तक राजकीय निर्माण निगम ही इमारतें बनवाता था।
लोक निर्माण विभाग को इतनी ऊंची इमारत बनाने का यह पहला काम मिला है। 20 करोड़ की क्षमता के दो ठेकेदार मिले हैं। अनुमोदन के लिए पत्रावली भेजी गई है। निर्देश मिलने के बाद पुलिस लाइंस में 12 मंजिला और पीएसी में 11 मंजिला टॉवर खड़ा कराने का काम शुरू किया जाएगा।
प्रतिसार निरीक्षक बीके सिंह ने बताया कि जिले के सभी थानों में विवेचना कक्ष और बैरक की व्यवस्था की गई है। इसके लिए भवनों के निर्माण व बैरक भी बनवाए जाने का काम शुरू करवा दिया गया है। कई थानों में काम लगभग पूरा हो चुका है। बैरकों के निर्माण का काम पूरा होने के बाद थानों में पुलिस कर्मियों को रुकने की सहूलियतें मिलेगी।
पुलिस लाइंस में भी महिलाओं के लिए ट्रांजिट बैरक और हॉस्टल का काम शुरू करवा दिया गया है। मिलएरिया को छोड़कर सभी थानों में विवेचना कक्ष और बैरक के निर्माण का काम शुरू कराया गया है। 200 की क्षमता के ट्रांजिट हॉस्टल का काम लोक निर्माण विभाग को दिया गया है। निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।- श्लोक कुमार, एसपी
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