डलमऊ। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ के पानी से गांव के किनारे बने घर घिर गए हैं। मार्गों पर पानी भर गया है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से किए जा रहे दावे खोखले साबित हो रहे हैं, जिसको लेकर लोगों में रोष है।
रविवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 99.360 मीटर से महज 46 सेंटीमीटर दूर है। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के अनुसार रविवार को जलस्तर 98.900 मीटर दर्ज किया गया। पानी चार घंटे में एक सेंटीमीटर की गति से बढ़ रहा है। बाढ़ का पानी कटरी क्षेत्र के जमाल नगर मोहिद्दीनपुर, जहांगीराबाद, अंबहा, बबुरा, पूरे रेवती सिंह, चकमलिक भींटी गांवों के किनारे पहुंच गया है। 800 बीघे कृषि योग्य भूमि जलमग्न है। 200 बीघे धान, सब्जी, तिल्ली, उड़द, मूंग की फसलें डूब गई हैं। बावजूद प्रशासन कटरी में बसे लोगों से दूरी बनाए हुए है।
अभिषेक, गनेश, सुनील कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के पानी से कटरी की फसलें तबाह हो गई हैं। पानी कभी भी घर में घुस सकता है। गांव के किनारे पानी दस्तक दे रहा है। कटरी की ओर बने घर पानी से घिर गए हैं। इसके बावजूद अधिकारी तहसील में बैठकर निगरानी कर रहे हैं। लोग बाढ़ के पानी से होकर कटरी में रखे सामान को लेने के लिए तैरकर जाने काे मजबूर हैं। सरकारी नाव का कहीं अता पता नहीं है।
उप जिलाधिकारी सतेंद्र कुमार का कहना है कि बाढ़ चौकियों में कर्मचारियों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। गांव के किनारे बाढ़ का पानी पहुंच गया है, लेकिन गांव में अभी नहीं पहुंचा है। जलस्तर पर बराबर नजर रखी जा रही है।
सुकुरू-निसगर मार्ग पर तीन फुट तक बह रहा पानी
सरेनी के पूरे सुकुरू से निसगर जाने वाले खड़ंजा मार्ग पर तीन फुट तक बाढ़ का पानी बह रहा है। इस मार्ग पर लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। लगातार बढ़ रहे पानी से कटरी में बसे ग्रामीण बाढ़ के खतरे की आशंका से सहमे हैं। उधर बाढ़ का पानी पूरे भुल्ली गांव के निचले हिस्से में भरना शुरू हो गया है। हनुमान मंदिर के नीचे भी पानी बहने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे ही पानी बढ़ता रहेगा तो दो-तीन दिन में गांव से संपर्क कट जाएगा।