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रोगों की भरमार, अस्पतालों में दवा व इंजेक्शनों का टोटा

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ऊंचाहार में एविल व सेट्रिजिन जैसी दवाएं तक नहीं
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ऊंचाहार। सीएचसी में जिले के अलावा प्रतापगढ़ के कालाकांकर ब्लॉक तक के मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं, लेकिन यहां जीवन रक्षक दवाओं का टोटा है। संक्रामक रोगों का कहर बढ़ने के बाद भी रेनीटिडीन, एविल, सेट्रिजिन एंटासिड व मेटाफार्मिन टेबलेट नहीं है। प्रसूताओं को लगने वाले एनटीडी व आरएल एनएस इंजेक्शन सहित अन्य दवाएं भी नहीं हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज शुक्ला का कहना है कि जो दवाएं खत्म हो गई हैं उनकी मांग भेजी गई है।
मरीजों को हो रही परेशानी
सरेनी। सीएचसी में पर्याप्त दवाएं न होने के कारण मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। हॉस्पिटल में ओमेट्राजोल, रैनीटीडीन, सिफिक्जीम, मेथाइलकोबालामीन, सेट्रिजिन एंटासिड के साथ ही इंजेक्शनों की बेहद कमी है। भर्ती मरीजों के इलाज के लिए भी पर्याप्त दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में सब रामभरोसे चल रहा है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। अधीक्षक डॉ. अमल पटेल ने बताया कि जो दवाएं नहीं हैं उनकी मांग भेजी जा चुकी है। उपलब्ध दवाओं के सहारे मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है।
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महराजगंज में सिरिंज तक नहीं
महराजगंज। सीएचसी में दवाओं के साथ ही सिरिंज तक उपलब्ध नहीं हैं। मजबूरन मरीजों को बाजार से दवाएं व अन्य सामान लाना पड़ रहा है। भर्ती मरीजों को लगने वाले कई इंजेक्शन अस्पताल में नहीं हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राधाकृष्ण का कहना है कि दवाओं के लिए लिखापढ़ी की गई है। सिरिंज न होने की वजह से मरीजों को इंजेक्शन लगाने में परेशानी हो रही है। जल्द ही सिरिंग मिलने की उम्मीद है।
रायबरेली। जिले में संक्रामक रोगों की भरमार है, लेकिन दवाओं की सप्लाई पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। दर्द, शुगर व एलर्जी सहित 20 से अधिक जरूरी दवाएं ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों से नदारद हैं। भर्ती मरीजों को मिलने वाले आरएल, एनएस व डीएनएस सहित 10 से अधिक इंजेक्शन अब तक उपलब्ध नहीं हैं।
दवाओं की आपूर्ति पिछले कई महीने से प्रभावित है। ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में लोकल परचेज की व्यवस्था न होने के कारण अधीक्षक जरूरी दवाओं की व्यवस्था नहीं करवा पा रहे हैं। दर्द में प्रयोग होने वाली डाइक्लोफिनैक, डाईसाइक्लीन व सेट्रिजिन के अलावा एंटीबायोटेक दवाओं की किल्लत है। भर्ती मरीजों के लिए जरूरी इंजेक्शनों का टोटा है। स्वास्थ्य सेवाएं रामभरोसे हैं। जगतपुर प्रतिनिधि के अनुसार, सीएचसी में दवाओं की कमी है। अधीक्षक डॉ. सत्यपाल सिंह का दावा है कि सिर्फ दो दवाओं की कमी है, जिनकी मांग की गई है।
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सीएचसी और पीएचसी के लिए दवाओं की मांग लगातार अधीक्षकों के स्तर से की जा रही हैं। दवाएं कॉरपोरेशन से मिल भी रही हैं, लेकिन मांग अधिक होने के कारण दवाओं व इंजेक्शनों का संकट बना हुआ है।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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