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सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के 70 फीसदी पद खाली

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रायबरेली। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को कहा था कि स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में रायबरेली को नंबर-वन बनाया जाएगा, लेकिन यहां पर स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बेहद खराब है।
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हाल ये है कि ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के दावे भले ही किए जा रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों के 70 फीसदी पद खाली हैं। इसमें भी नौ ऐसे चिकित्सक हैं तो एसीएमओ स्तर पर प्रमोट होने के बाद अस्पतालों में सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं।
जिले की फर्स्ट रेफरल यूनिटों में भी विभाग पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध करा पाने में नाकाम है। ऐसी दशा में ग्रामीण क्षेत्र के अस्पताल सिर्फ रेफरल हॉस्पिटल बनकर रह गए हैं।
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सीएचसी स्तर पर कम से कम एक-एक जनरल सर्जन, फिजीशियन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक, बाल रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट का होना जरूरी है।
विभाग ने बछरावां, लालगंज, डलमऊ, ऊंचाहार और सलोन को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) घोषित तो कर दिया है, लेकिन इन अस्पतालों में भी विशेषज्ञों के आधे से अधिक पद खाली हैं। बछरावां, लालगंज और सलोन में फिजीशियन और लालगंज, ऊंचाहार व सलोन में स्त्री रोग विशेषज्ञ ही उपलब्ध हैं।
एफआरयू में हड्डी रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों की अन्य सीएचसी में तो सामान्य संविदा के डॉक्टरों से ही काम चलाया जा रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के न होने के कारण सीएचसी से मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जा रहा है।
52 पीएचसी भी बदहाली पर बहा रहे आंसू
जिले में 52 पीएचसी हैं। यहां डॉक्टर तैनात तो हैं, लेकिन आधे से अधिक पीएचसी फार्मासिस्ट या वार्ड ब्वॉय से संचालित हो रही हैं। पीएचसी के डॉक्टरों से सीएचसी का काम कराया जा रहा है। किसी भी पीएचसी में विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती नहीं है। ऐसे में मरीजों को झोलाछाप या निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है।
सीएचसी में विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद व उपलब्धता
विशेषज्ञता स्वीकृत पद कार्यरत डॉक्टर
जनरल सर्जन 19 4
फिजीशियन 19 4
स्त्री रोग विशेषज्ञ 18 3
निश्चेतक 18 5
बाल रोग विशेषज्ञ 5 7
रेडियोलॉजिस्ट 18 1
हड्डी रोग विशेषज्ञ 5 2
नेत्र सर्जन -- 2
चेस्ट फिजीशियन -- 1
पैथोलॉजिस्ट -- 1
कुल 102 30
विशेषज्ञ डॉक्टरों की काफी कमी है। उपलब्ध चिकित्सक व संसाधनों के माध्यम से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा रही है। चिकित्सकों की डिमांड शासन को भेजी गई है।
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डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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