रायबरेली। ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के मामले में बृहस्पतिवार को एक होमगार्ड को हिरासत में लिया गया है। तीन जिलों के परिवहन विभाग के कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच शुरू हो गई है। सूत्रों का दावा है कि शुरुआती जांच में पाया गया है कि तीनों जिलों के कर्मचारियों की मिलीभगत से ही ओवरलोड वाहनों से अवैधी वसूली हो रही थी।
डीह थाना प्रभारी जितेंद्र मोहन सरोज की तरफ से डीह थाने में रायबरेली के एआरटीओ, पीटीओ के दो चालकों समेत 23 के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है। इसमें पुलिस ने महेंद्र प्रताप सिंह, जितेंद्र सरोज को जेल भेजा है। शेष अन्य 21 आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
अवैध वसूली के मामले में सलोन के रहने वाले एक होमगार्ड को डीह पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पता चला है कि होमगार्ड का नेटवर्क पूरे जिले में था। ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली का रुपया यह कई अधिकारियों व कर्मचारियों को पहुंचाता था। इसमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। एसपी डॉ. यशवीर सिंह की सख्ती के बाद होमगार्ड को पकड़ा गया है।
होमगार्ड का रायबरेली, प्रतापगढ़, अमेठी में लकड़ी कटान का कार्य भी चलता है। इसकी पहुंच ऊपर तक है। इस बार वह पुलिस के हाथ लग गया है। पुलिस अवैध वसूली से मामले को लेकर होमगार्ड से पूछताछ कर रही है। इसके अलावा अमेठी के परिवहन विभाग के चार कर्मचारी, सुल्तानपुर जिले का एक कर्मचारी और प्रतापगढ़ जिले के दो पुलिसकर्मियों का भी अवैध वसूली के खेल में शामिल होने की बात सामने आई है। अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा का कहना है कि होमगार्ड को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी होगी।
होमगार्ड के इशारे पर चलते थे पुलिसकर्मी
सलोन कोतवाली में चाहे जिसकी तैनाती रही हो, लेकिन पुलिस की हिरासत में लिए गए होमगार्ड का ही सिक्का बोलता था। सूत्रों का दावा है कि कई ऐसे मौके आए, जब होमगार्ड के इशारे पर पुलिसकर्मी काम करते थे। अवैध वसूली के खेल में कई पुलिसकर्मी भी होमगार्ड का साथ देते थे। इसके एवज में पुलिसकर्मियों की भी बल्ले-बल्ले रहती थी। एसपी डॉ. यशवीर सिंह की सख्ती के चलते इस बार होमगार्ड का दांव उल्टा पड़ गया और वह पुलिस की गिरफ्त में आ गया।