रायबरेली। शहर में रहने वाले गरीबों के न सिर्फ अब आशियाने बन सकेंगे, बल्कि उन्हें खुद की छत नसीब हो सकेगी। आरडीए और आवास विकास को जमीन मुहैया कराने का रास्ता साफ हो गया है।
जमीन न मिलने के कारण गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनने का सपना हकीकत में नहीं बदल पा रहा था। अब नगर पालिका की ओर से जमीन देने के कार्य को हरी झंडी दे दी गई है।
केंद्र सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत गरीबों को आवास का लाभ दिया जाता है। जमीन न होने के कारण गरीबों के आवास नहीं बन पा रहे थे।
आरडीए और आवास विकास विभाग की तरफ से नगर पालिका से जमीन मुहैया कराने का प्रस्ताव भेजा था। अब जाकर नगर पालिका ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। शहर क्षेत्र के देवानंदपुर में चार हेक्टेयर जमीन दी गई है।
इसमें ढाई हेक्टेयर जमीन आरडीए और डेढ़ हेक्टेयर जमीन आवास विकास को दी जाएगी। माना जा रहा है कि आरडीए और आवास विकास के अधिकारी जमीन को कब्जे में लेकर जल्द यहां पर आवास बनवाने का कार्य शुरू कर देंगे।
ये है शहर क्षेत्र में योजना के नियम
पालिका के अफसरों के मुताबिक नगरीय क्षेत्र में रहने वाले जो लोग गरीब हैं। उनके पास कच्चा मकान है, लेकिन घर बनवाने के लिए धन नहीं है। ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ढाई लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है। साथ ही ऐसे लोग जो शहर में रहते हैं।
गरीब हैं। उनका आधार कार्ड बना है। घर बनवाने के लिए जमीन की व्यवस्था नहीं है तो उन लोगों के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाती है। आरडीए और विकास विभाग की तरफ से योजना के तहत फ्लैट बनवाए जाएंगे। इसके बाद यह फ्लैट गरीबों को दिए जाएंगे। हालांकि ढाई लाख रुपये का अनुदान ही दिया जाएगा। बाकी का धन योजना के तहत फ्लैट लेने वाले व्यक्ति को भुगतान करना होगा।
शहर के देवानंदपुर में गरीबों के आवास बनवाए जाने के लिए चार हेक्टेयर जमीन देने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। आरडीए को ढाई हेक्टेयर, जबकि आवास विकास को डेढ़ हेक्टेयर जमीन देने का निर्णय लिया गया है। इससे जल्द आवास बनवाने का कार्य शुरू हो सकेगा और इसका लाभ गरीबों को मिलेगा।
बालमुकुंद मिश्रा, ईओ, नगर पालिका रायबरेली