रायबरेली। जिला अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की शर्मनाक तस्वीर सोमवार को सामने आने के बाद सीएमएस ने अपना जवाब दिया है। डीएम और सीएमओ को भेजे जवाब में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने अपनी नाकामी को छुपाने का प्रयास किया।
फर्श पर तड़पते रहे हॉर्ट के मरीज के मामले में पहले सीएमएस ने मरीज को लेकर चले जाने की जानकारी डीएम सरनीत कौर ब्रोका को दी। इसके बाद में मरीज के फर्श पर बैठने व लेटने की जानकारी दी है। पीठ पर लादकर पैथोलॉजी तक लाए गए दूसरे मरीज के मामले में स्पष्ट किया कि मरीज को स्ट्रेचर की सुविधा मुहैया कराई गई।
बीती नौ मई की रात साढ़े नौ बजे उदयपुर निवासी दयाराम को हॉर्ट में समस्या होने पर जिला अस्पताल लाया गया था। हालत नाजुक होने पर इमरजेंसी वार्ड भेजा गया। बेड खाली नहीं होने पर मरीज काफी देर तक इमरजेंसी वार्ड की फर्श पर लेटा रहा। गत सोमवार को इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके अलावा एक और वीडियो वायरल हुआ, जिसमें महराजगंज क्षेत्र के सोथी गांव निवासी शिव प्रसाद अपने पिता का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल आया था। टीबी क्लीनिक में बुजुर्ग पिता को अपनी पीठ पर लादकर शिव प्रसाद पैथोलॉजी तक पहुंचा था।
माईसिटी के अंक में मंगलवार को फर्श पर तड़पता रहा हार्ट का मरीज शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई। खबर छपने के बाद डीएम और सीएमओ ने जिला अस्पताल के सीएमएस से जवाब मांगा गया। सीएमएस ने जवाब में लिखा कि रात 10.30 बजे मरीज को एम्स रेफर किया गया। तीमारदार एंबुलेंस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक मरीज को लेकर एंबुलेंस आई। तीमारदार समझ नहीं पाए और मरीज को लेकर चले गए। सीएमएस ने किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने की सफाई दी है। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा का कहना है कि सीएमएस के स्तर से आए जवाब को उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।