डीह (रायबरेली)। अमर उजाला अभियान (अपनत्व) का प्रयास रंग लाने लगा है। ‘अमर उजाला’ में खबर छपने के बाद बाल विकास परियोजना और राजस्व विभाग की टीम ने रविवार को डेला गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उनका दुख दर्द जाना।
टीम में शामिल अफसरों ने परिवार का ब्योरा जुटाया। मृत दंपती के बच्चों और बूढ़ी मां को भरोसा दिलाया कि उनकी पूरी जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। जल्द मदद दिलाई जाएगी।
डीह ब्लॉक क्षेत्र के डेला गांव निवासी राजेश कुमार (40) और उनकी पत्नी शोभा (38) काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। एक हफ्ते पहले शोभा की मौत हो गई थी, जबकि शुक्रवार को राजेश ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।
दंपती की कोरोना जांच निगेटिव पाई गई थी। इसके बाद भी दोनों बीमार चल रहे थे। दंपती की मौत के बाद हंसते खेलते परिवार में गमों का पहाड़ टूट पड़ा। घर पर मृतक राजेश की बूढ़ी मां धनपती के अलावा चार बच्चे गांधी, प्रिंस, परी, सौरभ हैं।
मृतक राजेश ही परिवार में इकलौता कमाने वाला था। वह मजदूरी करता था। शनिवार को समाजसेवी आशीष सिंह ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दी थी। साथ ही दंपती के बच्चों को पढ़ाई का जिम्मा खुद उठाने का ऐलान किया था।
रविवार को अमर उजाला में खबर छपी तो राजस्व विभाग भी पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आया। बाल विकास परियोजना अधिकारी आशा यादव, लेखपाल दीपक सिंह एवं ब्लॉक की टीम पीड़ित परिवार के घर पहुंची और परिवार का ब्योरा जुटाया।
बाल विकास परियोजना अधिकारी ने कहा कि परिवार का ब्योरा अधिकारियों ने मांगा है, जिसको भेजा जा रहा है। वहीं समाजसेवी आशीष सिंह भी गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी और कहां की मृतक दंपत्ति के तेरहवीं संस्कार में जो खर्च आएगा उसे मैं खर्च करूंगा। समाजसेवी आशीष सिंह द्वारा पीड़ित परिवार की मदद की लोगों ने सराहना की। इस दौरान बंटी सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।