रायबरेली। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की रायबरेली डिपो की भूमि पर बनी 24 दुकानों के खिलाफ बेदखली आदेश खारिज होने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार ने मामले की फिर से सुनवाई शुरू की है। इसके लिए सभी कब्जेदारों को नोटिस भेजा गया है। मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। इस दौरान सभी कब्जेदारों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है।
शहर के भीमखपुर स्थित बस स्टेशन की भूमि पर कब्जे के मामले में उच्च न्यायालय में मुकदमों के बाद वर्ष 2009 में सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में बेदखली के लिए निगम की ओर से मुकदमा दाखिल किया गया था। मुकदमे की सुनवाई करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने 16 अप्रैल 2025 को अपना फैसला सुनाया था।
सभी 24 कब्जेदारों को दुकानों से बेदखल करने के साथ ही एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया था। कब्जेदारों ने जनपद न्यायाधीश कोर्ट की शरण लेकर सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को निरस्त कराने की गुहार लगाई थी। सुनवाई पूरी करते हुए जनपद न्यायाधीश ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को निरस्त करते हुए नए सिरे से मामले की सुनवाई का आदेश दिया।
इसके अनुपालन में सिटी मजिस्ट्रेट ने फिर से पूरे मामले की सुनवाई शुरू की है। इसके तहत आशीष दयाल, वर्तिका राय, लक्ष्मीकांत, जवाहरलाल, दिनेशचंद्र द्विवेदी, आशीष कुमार गुप्ता, कमला नारायण व रेखा गुप्ता, जय कुमार, माधव प्रसाद गुप्ता, राजेश कुमार वर्मा, राज बहादुर तिवारी, रमेश बाजपेयी, आनंद प्रकाश गुप्ता, नीरज शुक्ला, अयोध्या प्रसाद, बृजकिशोर जायसवाल, विकास त्रिपाठी, आत्मा शरण गुप्ता, दीपू सिंह, दिनेश जायसवाल, धर्मचंद्र गुप्ता, शिवशंकर, अजय कुमार आदि को नोटिस भेज कर 22 अप्रैल को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया है।