रायबरेली। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग की ओर से जिले में कोरोना संक्रमित व संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों में घर-घर जाकर दवा बांटा जा रहा है। 10 दिन में करीब 2100 मरीजों में दवा का वितरण किया गया है। मरीजों को बुखार से बचने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक दवाएं मुहैया कराई जा रही है।
शासन के स्तर से क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी को आयुर्वेदिक दवा उपलब्ध कराने के साथ ही मरीजों के घर-घर टीम भेजकर दवाएं वितरित कराने के आदेश दिए गए हैं।
शासन की मंशा पर पर जिले के सभी आयुर्वेदिक अस्पतालों में दवाएं पहले ही पहुंचा दी गई हैं। अब सीएमओ कार्यालय से मिली सूची के आधार पर दवाओं के वितरण का काम शुरू हो गया है।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार कुरील ने बताया कि सभी आयुर्वेदिक अस्पतालों की टीमें सूची के हिसाब से दवाएं घर-घर पहुंचा रही हैं।
अटौरा के डॉ. राकेश सिंह, हलोर के डॉ. रंजीत, भौंसी की डॉ. संध्या दीक्षित, हरचंदपुर अस्पताल की डॉ. अनुपमा सिंह, घोरवारा की डॉ. निशा सिंह, डलमऊ की डॉ. प्रियंका त्रिवेदी, बरदर की डॉ. सुमन, भीतरगांव के डॉ. शैलेंद्र, डॉ. पल्लवी पांडेय, डॉ. अनुज कुमार आदि की टीम गांवों में पहुंचकर कोरोना के लक्षण वाले मरीजों में आयुष क्वाथ संशमनी बटी और आयुष-64 दवा का वितरण करवा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यह दवा बुखार को कम करने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए है। जिले के सभी आयुर्वेदिक अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध कराई गई है। सभी डॉक्टरों को संदिग्ध मरीजों में वितरण के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के पास दवाओं की कमी नहीं है।