रायबरेली। जिले में संक्रामक रोगों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। लालगंज क्षेत्र की छह साल की एक बच्ची और बछरावां के एक अधेड़ की एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
केजीएमयू लखनऊ से पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद हड़कंप मच गया। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लालगंज में बच्ची के घर पहुंचकर परिवार के अन्य लोगों की सेहत जांची। उधर, उन्नाव जिले का एक युवक मलेरिया से ग्रसित मिला है।
दिनभर तेज गर्मी और रात में बूंदाबांदी के कारण मौसम का मिजाज बदल रहा है। ऐसे में संक्रामक रोगों के बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में बुखार, उल्टी-दस्त के मरीज भी बढ़े हैं।
लालगंज क्षेत्र के सातनपुर गांव की एक छह साल की बच्ची अंशिका को तेज बुखार होने के बाद केजीएमयू, लखनऊ में भर्ती कराया गया था। जांच में वह एईएस की चपेट में मिली। बछरावां कस्बा निवासी संजीव कुमार (50) को केजीएमयू लखनऊ में भर्ती कराने के बाद जांच में एईएस की पुष्टि हुई।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि लालगंज के सातनपुर गांव टीम भेजी गई है। एईएस की चपेट में आई बच्ची स्वस्थ है। घर के लोगों की जांच की गई। सभी स्वस्थ पाए गए हैं। दवा का छिड़काव करने के साथ ही लोगों को संक्रामक रोगों से बने के टिप्स दिए गए हैं।
बछरावां कस्बे का मरीज केजीएमयू में भर्ती है। उसकी हालत में भी सुधार है। उन्होंने बताया कि उन्नाव जिले के सीएचसी सुमेरपुर क्षेत्र के भाटनखेड़ा निवासी निखिल बाजपेयी मलेरिया की चपेट में आया। वह लालगंज आया था। जांच में पुष्टि होने के बाद रिपोर्ट उन्नाव के सीएमओ को भेजी गई है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में बढ़े मरीज, अफरातफरी
संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों के साथ ही जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीज बढ़ गए हैं। शुक्रवार को गर्मी अधिक होने के बाद ही सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही।
परचा काउंटर से लेकर दवा काउंटर तक भीड़ रही। ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों को घंटो खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों के बैठने के बंदोबस्त न होने के कारण मरीजों को परेशान होना पड़ा। गर्मी अधिक होने के कारण पंखे तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिखी। ऐसे में जिला अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं की पोल खुल गई।
एईएस के दो केस मिले हैं। इसमें बच्ची घर आ गई है, जबकि बछरावां का रहने वाला मरीज केजीएमयू लखनऊ में भर्ती है। टीम भेजकर परिवार के लोगों की जांच कराई गई है। संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोग मच्छरों से बचने का प्रयास करें।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ