हरियाणा में हो रहे बवाल का असर जिले में नहीं दिख रहा है। इतना जरूर है कि फल लाने गए सात ट्रक वहां फंस गए हैं। ट्रक लेकर गए चालकों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐसे में ट्रक मालिक परेशान हैं।
उन्हें चिंता सता रही है कि जिस तरह हरियाणा में उग्र प्रदर्शन हो रहा है, कहीं उनके भी ट्रकों को आग के हवाले न कर दिया गया हो। खानपान की सामग्री हरियाणा से यहां नहीं आती है।
नतीजतन खानपान की सामग्री पर यहां कोई असर नहीं पड़ा है। जिले में कानपुर या फिर लखनऊ से व्यापारी खानपान की सामग्री मंगाते हैं। कपड़ा समेत अन्य सामान भी हरियाणा से यहां नहीं आता है।
ऐसे में हरियाणा के बवाल के चलते यहां पर रोजमर्रा के सामान की कोई दिक्कत नहीं है। आठ दिन पहले फल लेने के लिए हरियाणा गए सात ट्रक जरूर फंस गए हैं।
दो दिन पहले पता चला था कि ट्रक रोहतक में खड़े हैं, लेकिन अब तो चालकों से भी संपर्क कट गया है। इससे शहर निवासी एवं ट्रक मालिक मनोज सोनकर, वहाब और बछरावां के निशान त्रिपाठी परेशान हैं कि कहीं आग के हवाले उनके ट्रकों को न कर दिया गया हो या कर दिया जाए।
रायबरेली ट्रक ऑपरेटर वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष राममोहन श्रीवास्तव के मुताबिक तीन दिन पहले ट्रक चालक अजय कुमार से उनकी बात हुई थी।
उसने बताया था कि हम सब लोग रोहतक में हैं और यहां के हालात बहुत खराब हैं। भोजन मिलने की कौन कहे, पानी तक नहीं मिल पा रहा है।
यह सब छोड़ मन में यही बात आती है कि किसी तरह घरवालों से मुलाकात हो जाए। उनके देखते ही देखते कई वाहनों में आग लगा दी गई।
हर तरफ दहशत का माहौल है। अध्यक्ष कहते हैं कि चालक ने बताया था कि वह और उनके वाहन सुरक्षित हैं। इसके बाद से ट्रक चालकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे घरवाले व वाहन मालिक परेशान हैं।