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दुष्कर्म के आरोपी ने जिला अस्पताल के शौचालय में पायजामे के नारे से लगाई फांसी

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रायबरेली। दुष्कर्म मामले के एक आरोपी ने शनिवार शाम जिला अस्पताल के शौचालय में पायजामे के नारे से खिड़की के सहारे फांसी लग ली। कुछ देर तक उसके बेड पर न आने पर सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों ने शौचालय का दरवाजा खोला तो उसका शव फंदे से लटक रहा था। उसे कमजोरी थी। वह बीमार चल रहा था। घटना से अस्पताल के स्टाफ में हड़कंप मच गया।
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जेलर सत्य प्रकाश के मुताबिक बहराइच जिले के खैरीघाट थाना क्षेत्र के बरोही मजरे छतरपुर गांव निवासी रामबरन यादव (38) 29 मार्च 2016 में धारा 376, पाक्सो एक्ट में जेल में बंद हुआ था।
वह कुछ दिनों से बीमार चल रहा था। उसे कमजोरी थी। पहले उसका जेल स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा था। शुक्रवार शाम बेहोश होने पर उसे जिला अस्पताल के वार्ड नंबर तीन के 35 नंबर बेड में भर्ती कराया गया था। उसकी सुरक्षा में सिपाही अमित सिंह, विवेक यादव और सत्य सिंह को लगाया गया था।
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शनिवार शाम वह अस्पताल के टायलेट में गया। इसी दौरान उसने पायजामा के नारे से प्रसाधन के अंदर खिड़की से लटककर जान दे दी। कुछ देर तक वह शौचालय के अंदर से नहीं निकला तो सुरक्षा कर्मियों को कुछ शक हुआ।
सुरक्षा कर्मी दरवाजा खोलकर शौचालय के अंदर गए तो रामबरन का शव खिड़की से लटक रहा था। घटना की जानकारी पर सदर कोतवाल अतुल सिंह भी मौके पर पहुंचे। घटना की जांच करने के साथ शव को कब्जे में लिया। जेलर का कहना है कि मृतक के परिवारीजनों को भी सूचना दी गई है।
दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद आरोपी रामबरन यादव ने जिला अस्पताल के शौचालय में फांसी लगाकर खुुदकुशी की है। वह मानसिक रूप से भी बीमार था। चूंकि आरोपी जेल में बंद था। इसलिए इस मामले की न्यायिक जांच होगी। न्यायिक जांच आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का सच सामने आएगा।
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श्लोक कुमार, एसपी
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