हत्यारों को फांसी दो, बेटी को न्याय दिलाओ के गूंजे नारे
दयानंद पीजी कॉलेज के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं ने निकाली रैली
रायबरेली। हरचंदपुर थाना क्षेत्र में बीएससी की छात्रा के साथ हुई क्रूरता के विरोध में दयानंद पीजी कॉलेज के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने रैली निकालकर बिटिया की हत्या पर दुख जताया। हाथ में बैनर लिए छात्राओं ने आवाज उठाई कि हत्यारों को फांसी दो, बेटी को न्याय दिलाओ। इसके बाद कॉलेज परिसर में एकत्र होकर सभी ने बछरावां की बिटिया को श्रद्धांजलि दी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि यह घटना असहनीय है। इस प्रकार का अमानवीय कृत्य करने वालों को फास्टेस्ट कोर्ट के माध्यम से कठोर से कठोर दंड दिया जाए। महाविद्यालय की चीफ प्रॉक्टर डॉ. कल्पना श्रीवास्तव. प्रो. उमापति त्रिपाठी, डॉ. राम प्रवेश तिवारी, डॉ. विष्णु चंद्र श्रीवास्तव, डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, डॉ. शिशिर श्रीवास्तव, डॉ. दिलीप वर्मा आदि महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और भारी मात्रा में महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को डीएम दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करके बछरावां की बिटिया के साथ हुई क्रूरता पर विरोध जताया। डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की। सभी ने कहा कि छात्रा की हत्या पुलिस-प्रशासन की नाकामी है। पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की सरकारी मदद दी जाए। इस मौके पर अहमद सिद्दीकी, टीपू सुल्तान, बिलाल, अरशद सिद्दीकी मौजूद रहे।
बिटिया के साथ क्रूरता करने वाले आरोपी अब तक सलाखों से दूर हैं। ऐसे में बिटिया के परिवारीजनों का धैर्य जवाब देने लगा है। परिवारीजनों ने तीन दिन के अंदर मर्डर का खुलासा न होने पर परिवार के साथ आत्मदाह करने का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर तीन दिन के अंदर हमारी बिटिया के हत्यारों को गिरफ्तार करके जेल भेजे। फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलाकर शीघ्र चलाकर हत्यारों को फांसी दिलाई जाए। ऐसा होने पर ही हम को इंसाफ मिलेगा।