रायबरेली में शुक्रवार को शहर के रेलवे स्टेशन पर आई मालगाड़ी के क्षतिग्रस्त हैंडब्रेक का परीक्षण
रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को पहुंची एक मालगाड़ी के 10 वैगन में हैंडब्रेक क्षतिग्रस्त पाए गए। कुछ हैंडब्रेक की रॉड इतने ज्यादा टेढ़े थे कि बाहर की ओर निकले थे, जिससे हादसे का अंदेशा था। इसकी जानकारी मिलते ही, ट्रेन को उन्नाव की तरफ जाने से रोक दिया गया। सुबह आई यह मालगाड़ी शाम तक खड़ी रही। ट्रेन का परीक्षण कराने के बाद खामियों को दूर करने का प्रयास किया गया, ताकि मालगाड़ी को आगे रवाना किया जा सके।
प्रतापगढ़ की ओर से एक मालगाड़ी सुबह पटरियां लेकर रायबरेली स्टेशन पहुंची। यहां से मालगाड़ी को दरियापुर स्टेशन होते हुए उन्नाव की तरफ भेजा जाना था। यह मालगाड़ी रास्ते में कई जगह पटरियां उतारते हुए यहां पहुंची थी। प्रतापगढ़ के ट्रेन मैनेजर (गार्ड) ने यह मालगाड़ी यहां तक पहुंचाई, यहां से ट्रेन का स्टाफ बदला गया। नए ट्रेन मैनेजर (गार्ड) ने ट्रेन को आगे बढ़ाने से पहले प्रारंभिक परीक्षण किया तो हैंडब्रेक क्षतिग्रस्त देख स्टेशन के अफसरों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही कैरेज एंड वैगन विभाग की टीम ने परीक्षण शुरू कर दिया। एक-दो वैगन में नहीं, बल्कि 10 वैगन में इस तरह की खामियां मिलीं। इसपर ट्रेन को आगे जाने से रोक दिया गया। मरम्मत कार्य शुरू कराया गया, जिससे यह मालगाड़ी शाम तक यहीं खड़ी रही। कोचिंग डिपो अफसर अरविंद ने बताया कि मालगाड़ी के 10 वैगन में हैंडब्रेक रॉड खराब मिले, जिन्हें ठीक कराया जा रहा है। वैगन से बाहर की ओर निकले दो हैंडब्रेक रॉड को काटकर अलग किया गया, जबकि बाकी हैंडब्रेक रॉड टेढ़े होने पर उन्हें सीधा किया गया।
पटरियां उतारते समय बरती होगी लापरवाही
मालगाड़ी पर पटरियां लदी हुई थीं। जहां जरूरत थी, वहां पटरियां उतारते हुए यह मालगाड़ी यहां पहुंची थी। यह आशंका जताई जा रही है कि पटरियां उतारते समय ही लापरवाही बरती गई होगी। जब भी कहीं से मालगाड़ी चलती है तो उसका परीक्षण कराया जाता है। फिटनेस मिलने के बाद ही ट्रेन दौड़ाई जाती है। एक साथ इतने वैगन में खामियों को रास्ते में भी अनदेखा किया गया। इससे बड़ा हादसा हो सकता था। स्टेशन के जिम्मेदार अधिकारी कहते हैं कि खामियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मंडल के अफसरों को भेज दी जाएगी। जो स्टाफ ट्रेन लेकर यहां आया था, उनसे भी पूछताछ कर बयान दर्ज कराए जा रहे हैं।