रायबरेली। जिले में कई स्थानों पर सोमवार को बारिश हुई। शिवगढ़ के सीमावर्ती गांवों में बारिश के साथ डेढ़ मिनट तक ओले गिरे। इससे खेतों में गेहूं की फसल बिछ गई। ओले गिरने से किसान चिंतित हैं क्योंकि सरसों की कटाई शुरू हो गई है। कई किसानों के खेतों में कटी सरसों पड़ी होने से फसल भीग गई है। मौसम की मार से करीब 50 बीघे गेहूं की फसल प्रभावित हुई है।
सतांव, हलोर में तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हुई तो सलोन में बारिश से किसान परेशान रहे। बारिश केवल दस मिनट के लिए हुई। दो दिनों में दो एमएम बारिश दर्ज की गई है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश हुई तो फसल को नुकसान होगा। सोमवार सुबह छह बजे बदली छाई रही। करीब दस बजे शहर में हल्की बारिश हुई। इसके बाद धूप निकली तो उमस रही। दो दिन से तेज हवा और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है।
वर्तमान में तापमान औसत से पांच डिग्री अधिक चल रहा है। सोमवार को अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई और वह 35.8 डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री रहा। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह का कहना है कि जिले का तापमान सामान्य से अधिक है और इस कारण हवा की दिशा बदल रही है। इससे बूंदाबांदी हो रही है।
ओले से 10 फीसदी फसल हुई प्रभावित
शिवगढ़। ग्राम पंचायत तरौंजा मजरे कुंभी गांव में सोमवार सुबह ओलावृष्टि से गेहूं व सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। तरौंजा के किसान हरिओम मिश्रा, रामलखन पांडे, पवन पांडे, बरखंडेश्वर पांडे, माता प्रसाद, रामविलास शर्मा ने बताया कि लगभग डेढ़ मिनट ओलावृष्टि में फसल को दस फीसदी का नुकसान हुआ है। सोमवार को क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुंभी, देहली, बैंती, दहिगांवा, गुमांवा, नेरथुवा तक ओलावृष्टि हुई।
आलू, गेहूं, चना व अरहर पर संकट के बादल
सतांव/सलोन। तेज हवा के साथ आसमान में छाए बादलों व बूंदाबांदी से किसान परेशान दिखे। क्षेत्र में सरसों की फसल अधिकतर जगहों पर कट गई है, लेकिन बारिश की आशंका से गेहूं, आलू, चना, अरहर की फसल पर संकट के बादल छाए हैं। किसान विजय बहादुर सिंह ने बताया कि इस समय तेज हवा के साथ बारिश हुई तो गेहूं की फसल गिर जाएगी। उधर, सलोन में किसान राज कुमार मौर्य, माता प्रसाद मौर्या, राम सुमेर यादव शिव कुमार, हरिश्चंद्र, राम बहादुर का कहना है कि खेतों में गेहूं की फसल पक रही है। आलू की खोदाई हो रही है। ऐसे में बारिश होने पर भारी नुकसान होगा।
बारिश से किस तरह हो सकता नुकसान
-गेहूं के दाने काले पड़ने की आशंका।
-अब बारिश हुई तो गेहूं की पैदावार होगी प्रभावित।
-आलू के खेत में पानी भरन से फसल के सड़ने के खतरा।
-सब्जी की फसल खराब होने की आशंका।
किसान कृषि बीज भंडार पर दें सूचना
सोमवार को शिवगढ़ के छह गावों में ओलावृष्टि हुई है। इस पर जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडे ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से पंजीकृत किसान फसल के नुकसान की जानकारी 72 घंटे के भीतर स्थानीय कृषि बीज भंडार या टोल फ्री नंबर 14447 पर दें। इसके बाद फसल का सर्वे कराया जाएगा और आगे की कार्रवाई होगी।
वर्जन
अभी फसलों को खास नुकसान नहीं है, लेकिन तेज बारिश के साथ ओले गिरते हैं तो अधिक नुकसान होगा। इस बार गर्मी अधिक होने से फसल समय से पहले पक जाएगी। जिस कारण गेहूं की फसल अपने पीक पर पहुंच गई है। पिछले दो दिन के दौरान जो मौसम बदला है, उससे कुछ जगहों पर फसल गिरने की जानकारी मिली है। इसे दिखवाया जा रहा है।
- अखिलेश पांडे, जिला कृषि अधिकारी