गोल्डी सब्जी मसाला मानकों पर खरा नहीं उतरा है। जांच के लिए भेजा गया नमूना अवमानक पाया गया है। इसके अलावा काजू बिस्कुट और रस्क का नमूना भी जांच में फेल पाया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अफसरों का कहना है कि निर्माता कंपनी को भी नोटिस दिया जाएगा।
मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए एफएसडीए की ओर से नमूना भरकर जांच के लिए भेजा जाता है। अभिहित अधिकारी (डीओ) शशांक त्रिपाठी के मुताबिक दिसंबर 2016 में बाबूगंज ऊंचाहार स्थित श्रीराम की दुकान से गोल्डी सब्जी मसाला का नमूना भरा गया था और जांच के लिए भेजा गया था।
जांच में नमूना फेल पाया गया है। अभिहित अधिकारी ने बताया कि सब्जी मसाला में नमक की मात्रा 5 फीसदी होनी चाहिए था, जबकि जांच में नमक की मात्रा 5.7 फीसदी मिला है। इस पर नमूना अवमानक मिला है। नमूना फेल आने पर दुकानदार के साथ ही निर्माता कंपनी को नोटिस दिया जाएगा।
डीओ ने बताया कि अक्तूबर 2016 में महराजगंज तहसील क्षेत्र के हलोर स्थित राज किशोर की दुकान से काजू बिस्कुट का लिया गया नमूना भी जांच में फेल पाया गया है। काजू का बिस्कुट भी अवमानक है।
इसी तरह दिसंबर 2016 में टेकारी डीह में श्यामलाल की दुकान से रस्क का नमूना लिया गया था, जो जांच में अवमानक और मिथ्याछाप मिला है। फेल पाया गया रस्क न्यू गोपाल बेकरी कल्लू का पुरवा रतापुर में तैयार किया गया था।
डीओ ने बताया कि निर्माता कंपनी को नोटिस दिया जाएगा। साथ ही जुर्माना लगाया जाएगा। मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री किसी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी।