रायबरेली। जिंदगी और मौत से जूझ रही 10 साल की शिवानी की सांस मंगलवार को लखनऊ के एक अस्पताल में थम गई। शहर में जेल रोड स्थित बिना पंजीयन के संचालित शाश्वत हॉस्पिटल में बीती 30 जून को टॉन्सिल के ऑपरेशन के बाद शिवानी की हालत बिगड़ गई थी। उसकी मौत के बाद मंगलवार को डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने बिना पंजीयन के संचालित नर्सिंगहोम और उसके संचालक के लाइसेंस को निरस्त कराने का आदेश दिया है। नर्सिंगहोम के संचालक के खिलाफ एफआईआर हो सकती है।
प्रतापगढ़ जिले के पूरे बोधी अगई लालगंज अझारा निवासी शरद कुमार सिंह ने अपनी 10 साल की बच्ची शिवानी को बीती 29 जून को इलाज के लिए जेल रोड स्थित अवैध हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। 30 जून को ऑपरेशन के बच्ची की हालत खराब हो गई। उसे लखनऊ के कोमा की हालत में लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
चिकित्सक ने बच्चे को ब्रेन हैमरेज होने की जानकारी दी थी। गत सोमवार को पिता शरद की ओर से शिकायत करने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट और एसीएमओ ने शाश्वत नर्सिंगहोम को सील कर दिया था। उधर, मृत बच्ची शिवानी के पिता शरद कुमार सिंह ने नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
लखनऊ में इलाज के दौरान बालिका की मौत हो गई है। मामले में सीएमओ को बिना पंजीयन के संचालित नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यह भी आदेशित किया गया है कि अवैध अस्पताल चलाने वाले डॉक्टर के लाइसेंस के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
सरनीत कौर ब्रोका, डीएम