ऊंचाहार। कस्बे के चौहान हॉस्पिटल में बीते दिन बुखार से पीड़ित बालिका की मौत हो गई। परिजनों ने बालिका के इलाज में लापरवाही बरते का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने पहुंचकर परिजनों को शांत कराया। मामले में हॉस्पिटल संचालक समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
पिपरहा मजरे ऊंचाहार देहात गांव निवासी रामभवन की बेटी साक्षी (13) बृहस्पतिवार को बुखार के कारण बीमार हो गई थी। घर वालों ने बेटी साक्षी को चौहान हाॅस्पिटल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह लगभग नौ बजे साक्षी नित्यक्रिया के लिए अस्पताल के प्रसाधन में गई थीं। इस दौरान उनकी मौत हो गई।
कुछ देर बाहर न आने पर घरवालों ने आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। डाॅक्टर समेत अस्पताल कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़कर देखा तो साक्षी मृत अवस्था में पड़ी थी। घटना से परिजन आक्रोशित हो गए। हंगामा करने लगे। सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर कार्रवाई का भरोसा देकर घर वालों को शांत कराया।
साक्षी के मामा आलोक कुमार ने आरोप लगाया कि रात में डाॅक्टर मरीज को देखने नहीं आए। अस्पताल के कर्मचारियों साक्षी का इलाज करते रहे। इससे भांजी की हालत बिगड़ गई। सुबह मौत होने के बाद डाॅक्टर आए और साक्षी को कहीं दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कहा। इलाज में बरती गई लापरवाही से उनकी भांजी की जान चली गई है।
ऊंचाहार कोतवाली प्रभारी ओमप्रकाश राय ने बताया कि मां आरती की तहरीर पर अस्पताल के संचालक डॉ. सुनील सिंह चौहान व अन्य सहयोगियों के खिलाफ इलाज में लापरवाही बरतने समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। उधर, हॉस्पिटल संचालक डाॅ. सुनील सिंह चौहान ने बताया कि घर वाले साक्षी का इलाज पहले झोलाछाप से करा रहे थे।
जब हालत बिगड़ी तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया। घर वालों से उसे एम्स ले जाने को कहा, लेकिन नहीं ले गए। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा ने बताया कि जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई है। मामले की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर मामले में कार्रवाई होगी।