डलमऊ। गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को जलस्तर 98.500 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 99.360 मीटर से 86 सेमी नीचे है। इससे धान, अरहर और गन्ने की करीब एक हजार बीघे फसलें डूब गई हैं। गांवों के संपर्क मार्ग तक पानी पहुंच गया है।
गंगा की तेज लहरें अब खेतों तक पहुंच गई हैं। इससे कटरी इलाके में रहने वाले लोगों में दहशत दिख रही है। बीते बुधवार को नदी का पानी चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर को पार कर 98.440 मीटर पर पहुंच गया था। इसके बाद से जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। पानी से घाट डूब गए हैं, जिससे गंगा स्नान को आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कटरी इलाके के चक मलिकभीटी, जमाल नगर मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, पूरे रेवती सिंह, अंबहा और बबुरा गांव के लोग बाढ़ की आशंका से सहमे हुए हैं। इन गांवों को जाने वाले मार्गों तक पानी भर रहा है। यदि यही स्थिति रही तो गांव संपर्क मार्ग से कट जाएंगे और लोगों का आवागमन मुश्किल हो जाएगा। डलमऊ का सड़क और अति विशिष्ट व्यक्ति गंगा घाट भी पानी में डूब गए हैं, जिससे इन घाटों पर आना-जाना बंद हो गया है।
ग्रामीण दिनेश यादव, साजन यादव और अमरेश ने बताया कि धान की फसल डूब रही है। इससे फसल नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने प्रशासन की तैयारियों को आधी-अधूरी बताया। पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है। एसडीएम डलमऊ प्रीति सिंह ने कहा कि बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी हैं। गांवों में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को बाढ़ से निपटने की जानकारी दी गई है। लेखपालों की टीमें नदी के पानी पर लगातार नजर रख रही हैं।
गंगा स्नान आज, तैयारियां अधूरी
रक्षाबंधन पर डलमऊ के विभिन्न गंगा घाटों पर लोग पहुंचकर स्नान करेंगे। तैयारियां अधूरी हैं। सड़क घाट और वीआईपी घाट के बीच में बना पुल जलमग्न हो गया है। इससे लोगों को जान जोखिम में डालकर गंगा स्नान करना पड़ेगा। बावजूद बैरिकेडिंग नहीं कराई गई है। स्नान घाटों के किनारे बने मकानों के चारों तरफ जलभराव हो गया है। नदी का पानी तेजी से आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ने लगा है। उधर, डलमऊ कोतवाली प्रभारी राघवन कुमार सिंह ने बताया कि घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
नदी में लगे रस्से से आगे से आगे जाने पर रोक
गोकना घाट पर भी गंगा नदी का जलस्तर लगातार तेजी के साथ बढ़ रहा है। घाट की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। पानी तेजी से धर्मशालाओं की ओर बढ़ रहा है। इससे घाट पर रहने वाले लोगों में दहशत में हैं। श्रद्धालुओं को नदी में लगे रस्से से आगे जाने पर रोक लगाई गई है। मां गंगा गोकर्ण जनकल्याण सेवा समिति ने के सचिव जितेंद्र द्विवेदी ने बताया कि बीते 24 घंटे में घाट पर लगभग एक मीटर पानी बढ़ा है।