चाहे शहर का मतगणना स्थल रहा हो या फिर देहात क्षेत्रों के मतगणना स्थल। एजेंट फोन से बात करते नजर आए। अंदर से एजेंट अपने समर्थकों को मतगणना की पल-पल की जानकारी देते रहे।
यही नहीं बिना सुरक्षा के ही स्ट्रॉंग रूम से मतपेटियां निकालकर मतगणना स्थल पहुंचाई गई। जिले के 18 ब्लॉकों में डीडीसी, बीडीसी पदों को लेकर सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हुई।
अफसरों का दावा था कि मतगणना स्थल के अंदर कोई एजेंट मोबाइल से बात नहीं कर पाएगा, लेकिन ऐसा नहीं दिखा। मतगणना स्थल पर एजेंट मोबाइल से बातें करते नजर आए।
डलमऊ ब्लॉक क्षेत्र के मतगणना स्थल भागीरथी इंटर कॉलेज मुराईबाग में एजेंट बेरोक-टोक मोबाइल से बात करते रहे और कौन प्रत्याशी कितनी वोट पाया है, इसकी जानकारी बराबर बाहर खडे़ समर्थकों को देते रहे।
यही हाल अमावां, सतांव, सरेनी, दीनशाहगौरा समेत अन्य ब्लॉक क्षेत्रों के मतगणना स्थलों पर दिखा, जहां एजेंट मोबाइल से बड़े आराम से बात करते नजर आए।
मतगणना में तैनात पुलिस कर्मियों को भोजन की व्यवस्था नहीं कराई गई। पेट भरने के लिए पुलिस कर्मियों ने स्वयं भोजन की व्यवस्था की। इससे पुलिस कर्मियों में नाराजगी रही।
कोतवाल ओपी यादव का कहना है कि भोजन की व्यवस्था नहीं कराई गई। स्वयं से पुलिस कर्मियों को भोजन की व्यवस्था कराई गई।