रायबरेली में रविवार को डलमऊ गंगा घाट पर जलस्तर बढ़ने से डूबी फसल।
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रायबरेली। पहाड़ों पर हुई बारिश से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से किसानों में हाहाकार मच गया है। नदी के उफान से किसानों की करीब 500 बीघे सब्जी फसल डूब गई है। अधिकतर सब्जी की फसल तो पानी के तेज बहाव में बह गई। डलमऊ कस्बे के साथ-साथ तहसील क्षेत्र के गंगा कटरी गांव के किसान नदी के रेत पर सब्जी के साथ तरबूज आदि की फसल की बोवाई की थी।
अचानक गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से किसानों की लौकी, तोरई, भिंडी के अलावा तरबूज, खीरा, ककड़ी समेत करीब 500 बीघे फसल पानी में डूब गई। अधिकतर फसल पानी के तेज बहाव में बह गई। फसल नुकसान से किसानों को लाखों रुपये की क्षति हुई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पहाड़ों पर हुई बारिश से गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा है।
चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर के सापेक्ष रविवार को जलस्तर 95.360 मीटर रिकॉर्ड किया गया। गंगा नदी का जलस्तर प्रति घंटे दो सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। किसान सेवक निषाद, दिलीप निषाद, प्रकाश निषाद, छेद्दू, गोविंद निषाद का कहना है कि उनकी सब्जी की फसल पूरी तरह से खराब हो गई है। सब्जी की बिक्री करके परिवार की गृहस्थी चलती है।
तहसील प्रशासन को चाहिए कि वह जल्द फसल नुकसान का मुआवजा दिलाए। जहांगीराबाद, चक मलिक भीटी, पूरे रेवती, पूरे नया, पखरौली, लुक चांदपुर, नरहरपुर, कल्याणपुर बेंती आदि गांवों के किसानों की सब्जी की फसल चौपट होने से उनमें हाहाकार है। उपजिला अधिकारी सविता यादव ने बताया कि गंगा जलस्तर बढ़ने की सूचना नहीं है। क्षेत्रीय लेखपाल से फसल नुकसान का सर्वे कराया जाएगा।