रायबरेली। पतित पावनी गंगा नदी का पानी अब चेतावनी बिंदु छूने को बेताब है। कटरी क्षेत्र के लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर 97.100 मीटर पर पहुंच गया। पानी बढ़ने से कटरी क्षेत्र के ग्रामीणों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
एसडीएम सविता यादव ने राजस्व टीम के साथ कटरी क्षेत्र का निरीक्षण किया। नाव पर सवार होकर जलस्तर का जायजा लिया। एसडीएम का कहना है कि बाढ़ से निपटने की तैयारियां कर ली गई हैं। लेखपालों को अलर्ट कर दिया गया है।
गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 98.360 और खतरे का निशान 99.360 मीटर है। चेतावनी बिंदु के सापेक्ष नदी का जलस्तर 97.100 मीटर नापा गया। गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी से जहां एक और कटरी क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों में बाढ़ के भय से हड़कंप मचा है।
वहीं कृषि योग्य भूमि नदी के तेज बहाव के कारण मिट्टी बह रही है। क्षेत्र के चकमालिक भीटी, अंबहा, बबुरा, जहांगीराबाद, जमाल नगर मोहद्दीनपुर, चांदपुर लूक, नारायणपुर, बन्ना गांवों के ग्रामीण दिनेश, संतराम यादव ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से हो रहे बढ़ोतरी और तेज बहाव के कारण जहां एक और कटरी क्षेत्र की कृषि भूमि जलमग्न होती जा रही हैं, वहीं कृषि भूमि का कटान तेजी से जारी है।
गंगा नदी के जलस्तर में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ से सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो जाती है, जिससे किसानों को विभिन्न प्रकार की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उपजिलाधिकारी ने तहसील क्षेत्र के सभी बाढ़ पीड़ित चौकियों में तैनाती करते हुए क्षेत्रीय लेखपालों से नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी पर निगरानी करने के साथ ही बाढ़ से निपटने की तैयारियां करने के निर्देश दिए।