थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने पहुंची एफएसडीए टीम को व्यापारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। गुस्साए व्यापारियों ने न सिर्फ नमूने छीन लिए, बल्कि सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए। टीम के सदस्यों के साथ हाथापाई और गालीगलौज की गई।
विरोध के चलते टीम के सदस्य वहां से भागकर जान बचाई। वहीं व्यापारियों ने हंगामा किया और छापेमारी के नाम पर धन वसूली का सदस्यों पर लगाया। सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराया। 29 व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
खाद्य निरीक्षक सिद्धार्थ कुमार की अगुवाई में टीम ने सरेनी कस्बा स्थित खोवा मंडी में छापा मारा। टीम के सदस्य खोवा के नमूने भरने लगे तो व्यापारी गुस्से में आ गए। सभी ने सदस्यों से नमूने छीने लिए। दस्तावेज फाड़ दिए।
यही नहीं उनके साथ हाथापाई व गालीगलौज की। मामला बढ़ता देख टीम के सदस्य वहां से जान बचाकर थाने पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। गुस्साए व्यापारियों ने जमकर हंगामा किया। उनका आरोप लगाया कि छापेमारी के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है।
इसका विरोध करने पर टीम के सदस्य फर्जी आरोप लगा रहे हैं। एक घंटे तक बवाल चला। थानेदार एसके सिंह ने पहुंचकर मामला शांत कराया। थानेदार ने बताया कि खाद्य निरीक्षक की तहरीर पर लाल मोहम्मद निवासी सरेनी, अजय कुमार निवासी निसगर, राज बहादुर निवासी रनापुर, बृजेश कुमार और 25 अज्ञात दुकानदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मामले की जांच कराई जा रही है। उधर, अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी का कहना है कि टीम के सदस्यों के साथ हाथापाई और गालीगलौज की गई है। दस्तावेज फाड़ दिए गए हैं। उच्चाधिकारियों को इस बावत से अवगत करा दिया गया है।