तीन माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जिले के चार हजार किसानों के खाते में सब्सिडी नहीं पहुंची है। इसके चलते गेहूं, मटर व चना का बीच लेने वाले किसान परेशान हैं।
हालांकि विभागीय अफसरों का दावा है कि जल्द सब्सिडी खातों में भेज दी जाएगी। पंजीकरण कराने वाले किसानों को ही अब कृषि विभाग की योजनाओं में छूट का लाभ दिया जा रहा है।
नवंबर में 13 हजार 441 किसानों ने गेहूं, चना व मटर का बीज लिया था। छूट की धनराशि उनके खाते में भेजने की बात कही गई थी। इसके लिए किसानों ने खाता नंबर भी मुहैया कराए थे।
लेकिन तीन महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी चार हजार 57 किसानों के खाते में सब्सिडी नहीं पहुंची है। इससे किसानों में ऊहापोह की स्थिति है।
राही ब्लॉक क्षेत्र के मनेहरू गांव के किसान संतोष बहादुर, पूरे लोधन का पुरवा के अर्जुन मौर्य, सतांव ब्लॉक क्षेत्र के भंगरिया गांव के अनूप वाजपेयी, नकदिलपुर के विपिन तिवारी का कहना है कि बीज लेने के बाद जल्द खाते में सब्सिडी भेजने की बात कही गई थी।
अब तक खाते में सब्सिडी नहीं आई है। सब्सिडी न मिलने से अन्य फसलों की बोआई और सिंचाई में दिक्कत आ रही है।
किसानों के खाते में सब्सिडी भेजने का कार्य देख रहे अफसरों की मानें तो 200 किसान ऐेसे हैं, जिनके खाते ही बंद हैं। ऐसे में उनके खाते में सब्सिडी नहीं भेजी जा पा रही है।
किसानों को चाहिए कि वह उप कृषि निदेशक कार्यालय में पहुंचकर पता लगाएं कि कहीं जांच में उनका खाता बंद तो नहीं पाया गया है। यदि ऐसा है तो वह दूसरा खाता नंबर दे सकते हैं या फिर उसी खाते को फिर चालू करें।
उप कृषि निदेशक आरके उत्तम का कहना है कि जिन किसानों ने गेहूं, चना व मटर का बीज लिया था। उन सभी के किसानों के खाते में सब्सिडी भेजी जा रही है।
कुछ किसान बचे हैं, उनके खाते में भी जल्द सब्सिडी भेज दी जाएगी। कुछ किसानों के खाते बंद हैं, जिनकी वजह से सब्सिडी जाने में दिक्कत आ रही है। किसान कार्यालय में संपर्क करके खाता बंद है तो उसे फिर चालू करा दें।