घूस लेने वाले वनदारोगा को थाने लेकर जाती एंटी करप्शन टीम।
बछरावां। एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार को वन विभाग में तैनात वन दरोगा संजय कुमार यादव को 18 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रतिबंधित लकड़ी के दो परमिट जारी करने के बदले ठेकेदार से नौ-नौ हजार रुपये की मांग कर रहा था। महराजगंज क्षेत्र के हलोर गांव निवासी ठेकेदार मो. सलमान ने रिश्वत मांगने की शिकायत एंटी करप्शन संगठन से की थी।
शिकायत के सत्यापन के बाद इंस्पेक्टर वकील कुमार पांडेय के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। गुरुवार सुबह सलमान वन विभाग कार्यालय पहुंचा और जैसे ही उसने रिश्वत की रकम वन दरोगा को दी, टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। कार्रवाई के बाद वन विभाग कार्यालय में अफरातफरी मच गई।
आरोपी को बछरावां कोतवाली लाया गया, जहां एंटी करप्शन टीम की तहरीर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। सीओ महराजगंज प्रदीप कुमार ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है। आरोपी वन दरोगा डीह थाना क्षेत्र के बरुवाहाट गांव का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद टीम उसे अपने साथ लखनऊ ले गई।
इस कार्रवाई से वन विभाग में हड़कंप है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि परमिट जारी करने और कोयला भट्टियों के संचालन में लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें मिलती रही हैं।
वन विभाग में भ्रष्टाचार की खुली कलई
वन दरोगा की गिरफ्तारी के बाद से तय हो गया है कि वन विभाग में परमिट के नाम पर चल रहा खेल थमा नहीं है। परमिट के नाम पर हुुए खेल से हरे पेड़ों की न सिर्फ कटान हो रही है, बल्कि डलमऊ, सरेनी में मनमाने तरीके से कोयला भट्टियां संचालित हो रही हैं। एक लाइसेंस के नाम पर कई भट्टियां संचालित हैं, लेकिन यह कोई देखने वाला नहीं हैं। डीएफओ से लेकर अन्य जिम्मेदार आंखें बंद किए हुए हैं।