प्रतापगढ़ जिले के कुंडा विधायक राजा भैया, एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह समेत पांच लोगों पर हत्या और साजिश के मुकदमे की जांच तेजी में तेजी आ गई है। इसी कड़ी में गुरुवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ के संयुक्त निदेशक डॉ. जी खान की अगुवाई में यहां पहुंची टीम ने पूरे प्रकरण की तफ्तीश की।
टीम ने थाने में खडे़ ट्रक की न सिर्फ बारीकी से जांच की, बल्कि घटनास्थल पर पहुंचकर आसपास के लोगों व पुलिस कर्मियों से पूछताछ की। जांच के बाद टीम वापस लौट गई। एक सप्ताह बाद मामले की जांच रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट तय करेगी कि कुंडा विधायक, एमएलसी समेत अन्य लोग मामले में आरोपी हैं या फिर उन्हें रंजिशन फंसाया गया है।
गौरतलब है कि छह दिन पहले ऊंचाहार थाना क्षेत्र के अरखा गांव के पास बाइक सवार युवक योगेंद्र यादव उर्फ बबलू (19) पुत्र स्व नन्हें लाल यादव निवासी बलीपुर थाना हथगवां जनपद प्रतापगढ़ को एक ट्रक की टक्कर से मौत हो गई थी।
इस मामले में मृतक के चाचा सुधीर कुमार यादव ने ऊंचाहार कोतवाली में कुंडा के विधायक एवं मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, प्रतापगढ़ एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपालजी, राजा भैया के मैनेजर नन्हें सिंह और उनके चालक संजय प्रताप सिंह, अजय सिंह तथा दुर्घटना करने वाले ट्रक चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
चाचा का आरोप है कि राजा भैया ने साजिश करके ही योगेंद्र यादव को ट्रक से कुचलवाकर हत्या कराई थी। घटना के बाद स्थानीय फोरेंसिक टीम ने जांच की थी। यहां की फोरेंसिक टीम ने मामले की जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ को पत्र लिखा था।
इस पर बृहस्पतिवार को लखनऊ के विधि विज्ञान प्रयोगशाला के संयुक्त निदेशक डॉ. जी खान के नेतृत्व में टीम ऊंचाहार पहुंची। टीम ने थाने में खड़े ट्रक की जांच और पुलिसकर्मियों से पूछताछ की।
इसके बाद लखनऊ की टीम रायबरेली फोरेंसिक टीम की प्रभारी डॉ. प्रतिभा तिवारी, ट्रेनी सीओ विनीत सिंह, कोतवाल परशुराम तिवारी के साथ घटनास्थल पहुंची और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए। सड़क पर बने निशान की लंबाई मापी और नक्शा बनाया। कोतवाल ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ हो जाएगी।