राज्य सूचना आयुक्त अरविंद सिंह विष्ट ने बुधवार को दूसरे दिन भी कलेक्ट्रेट स्थित बचत भवन में शिविर लगाया। इस दौरान लंबित मामलों को सुना और उनके निपटारे के निर्देश दिए। सूचना देने में लापरवाही बरतने की शिकायत और पुष्टि पर उन्होंने दो वीडियो को सस्पेंड कर दिया।
जबकि चार अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। उन्होंने कहा कि जनसूचना की शिकायतों को अफसर गंभीरता से लें। इसमें किसी तरह की ढिलाई क्षम्य नहीं होगी।उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी भी विभाग से संबंधित जानकारी जन सूचना के माध्यम से मांग सकता है।
विभागों के अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि सूचना समय से लोगों को दी जाए। जनसूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई सूचनाएं न देने पर डीपीआरओ, बीडीओ सरेनी, ग्राम विकास अधिकारी खीरोें और ग्राम विकास अधिकारी सरेनी पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। इसके अलावा सरेनी ब्लॉक में तैनात साधवराम शर्मा और खीरों ब्लॉक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी विद्या सागर को सस्पेंड कर दिया।
कहा कि जिन लोगों को सूचनाएं नहीं मिल पाई हैं, उन्हें तत्काल सूचना दी जाए। हरचंदपुर थाना क्षेत्र के हिडइन गांव निवासी सुरेंद्र बहादुर ने बताया कि उन्होंने गांव के विकास से संबंधित सूचना मांगी थी। जो सूचना दी गई है, उसमें त्रुटियां हैं।
राज्य सूचना आयुक्त से इसकी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा उसे आश्वासन देकर वापस करा दिया गया। उसका कहना है कि सूचना देने में मनमानी की जा रही है। इस मौके पर डीएम अनुज कुमार झा, सीडीओ अनूप कुमार, एडीएम प्रशासन तिलकधारी, सीएमओ राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।