फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोजी-रोटी के लिए दांव पर लगा रहे जिंदगी

Tue, 03 Nov 2015 11:19 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारी भी इसके लिए कम दोषी नहीं है। पटाखा दुकानों के चेकिंग के नाम पर खानापूरी की जा रही है।
विज्ञापन


ऊंचाहार थाना क्षेत्र के जमुनापुर चौराहा पर हुए दर्दनाक हादसे में पुलिस की जांच में लापरवाही सामने आई है कि पटाखा बनाने में मनमानी की जा रही है।

इससे पहले भी विस्फोट होने से कई लोग जान गंवा चुके हैं। अग्निशमन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में करीब 22 स्थानों पर पटाखा बनाए जा रहे हैं।

लेकिन हकीकत में इसकी संख्या अधिक है। कुछ दुकानदार तो बिना लाइसेंस के ही पटाखा बनाने का कार्य कर रहे हैं। ये भी है कि अधिकतर पटाखा यहां बाहर से बिकने के लिए आता है।

जिनके पास लाइसेंस हैं, वह भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। पुलिस और अग्निशमन विभाग के अफसरों को पटाखा बनाने वाले स्थानों की चेकिंग करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विज्ञापन


लेकिन सब कुछ कागजों पर ही ओके कर दिया जाता है। आतिशबाज के अलावा उनके परिवारीजन भी पटाखा बना रहे हैं। ऐसे में स्वयं के साथ परिवारीजनों पर थोड़ी सी चूक से जान जा सकती है।

दो साल पहले सरेनी थाना क्षेत्र के रायपुर मझिगवां गांव में पटाखा बनाते समयं विस्फोट हो गया था। खास बात ये थी कि पटाखा घर के पास ही बनाया जा रहा था। इस हादसे में पटाखा दुकानदार की मौत हो गई थी।
विज्ञापन


लालगंज के बहाई गांव के पास भी पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था। मंगलवार को जमुनापुर चौराहा स्थित एक बाग में विस्फोट हो गया। कार्यवाहक थानेदार सौरभ शुक्ला के मुताबिक क्षमता से अधिक पटाखा का भंडारण था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें