रायबरेली। भाकपा (माले) ने हरचंदपुर ब्लॉक में यूजीसी रेगुलेशन लागू करने की मांग को लेकर पैदल मार्च निकला और सभा की। इसमें आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा सहित कई नेता शामिल हुए।
नेहा बोरा ने कहा कि यह लड़ाई अब गांवों तक पहुंच गई है, जिससे जीत का यकीन है। वक्ताओं ने भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों की आलोचना की। उन्होंने विश्वविद्यालयों में भेदभाव और शोषण समाप्त करने की मांग की। साथ ही यूजीसी रेगुलेशन लागू होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया गया।
विज्ञापन
रिहाई मंच के राजीव यादव ने बताया कि भाजपा सरकार के कमजोर पक्ष के कारण रेगुलेशन पर स्थगन लगा है। यह रेगुलेशन दलित, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के साथ भेदभाव दूर करने के लिए था। 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले आंदोलन तेज होगा।
इंकलाबी नौजवान सभा के सुनील मौर्य ने सरकार पर अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। आइसा के मनीष कुमार ने विश्वविद्यालयों में निधि कटौती और छात्रों के उत्पीड़न का मुद्दा उठाया। भाकपा माले के हनुमान अंबेडकर ने जनता के आक्रोश को व्यक्त किया। ऐक्टू के विजय विद्रोही ने सार्वजनिक संस्थाओं को बर्बाद करने की आलोचना की। संवाद