जिले में गुरुवार को कोहरे की धुंध से वाहनों की रफ्तार थम गई। कोहरे के बीच वाहन सड़कों पर रेंगते हुए नजर आए। ट्रेनें विलंब होने से मुसाफिरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद धुंध जरूर छंटी, लेकिन दिनभर धूप नहीं निकली।
नतीजतन लोग दिनभर ठंड से ठिठुरते रहे। सबसे अधिक दिक्कत स्कूली बच्चों को हुई। सर्दी में उन्हें ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ा। न्यूतनम पारा 13.6 डिग्री सेल्सियस पर लुढ़क कर रुक गया।
दूसरे दिन भी सुबह से ही कोहरा छा गया। आने-जाने वाले लोग दिखाई नहीं पड़ रहे थे। इससे वाहनों की रफ्तार थम गई। बस से सफर करने वाले मुसाफिरों को देर से गतंव्य स्थान पहुंचना पड़ा। सबसे अधिक दिक्कत ट्रेन से सफर करने वाले मुसाफिरों को हुई।
ट्रेेनें घंटों लेट रही। अचानक बदले मौसम के मिजाज से सर्दी अचानक बढ़ गई है। स्कूली बच्चे सुबह ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। सुबह के वक्त लोग घरों में ही दुबके रहे और अलाव का सहारा लिया। दोपहर बाद कोहरे छंटा तो लोग बाहर निकले, लेकिन सर्दी का एहसास कम न हुआ। दिनभर धूप नहीं निकलने से लोग परेशान रहे।
कोहरे से करीब छह ट्रेनें घंटों लेट रही। इनमें पद्मावत एक्सप्रेस एक घंटे, लखनऊ-इलाहाबाद इंटरसिटी एक घंटे, नौचंदी एक्सप्रेस दो घंटे, पंजाब मेल तीन घंटे, काशी विश्वनाथ दो घंटे आदि शामिल हैं। ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को घंटों स्टेशन पर रहकर इंतजार करना पड़ा।