काफी दूर तक ट्रक में फंसकर रगड़ने से बाइक धू-धू करके जल गई। घटना से गुस्साए परिवारीजनों ने सीएचसी में न सिर्फ हंगामा किया, बल्कि शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया।
सीओ सलोन के साथ परिवारीजनों की तीखी तकरार भी हुई। इससे एक घंटे तक अफरातफरी रही। बाद में समझाने-बुझाने पर परिवारीजन शांत हुए। मृतक हेलमेट नहीं लगाए था।
सलोन कोतवाली क्षेत्र के कान्हपुर गांव निवासी रमेश (22) पुत्र शिवनाथ सटरिंग बनाने का कार्य करता था। सुबह बाइक से दो श्रमिकों राजेश (21) व राकेश (22) निवासी कमालुद्दीनपुर के साथ महराजगंज मजरे किठावां गांव के बाबूलाल के मकान की सटरिंग बनाने जा रहा था।
सलोन से प्रतापगढ़ की तरफ एक ट्रक जा रहा था। कोहरे की वजह से कुछ दिख नहीं पड़ रहा था। इससे बेकाबू बाइक कालूपुर जलालपुर चौराहा के पास आगे जा रहे ट्रक में जा घुसी।
इससे बाइक सवार तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक में ट्रक में फंसकर कुछ दूर तक चली गई। रगड़ने से बाइक धू-धू करके जल गई। पुलिस ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया।
जहां डॉक्टर ने रमेश को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं राजेश व राकेश की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल के बाद लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
बेटे रमेश की मौत की सूचना मिलते ही पिता शिवनाथ समेत अन्य परिवारीजन सीएचसी पहुंचे। घटना से गुस्साए परिवारीजनों और ग्रामीणों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
साथ ही शव का पोस्टमार्टम से कराने से इंकार कर दिया। इसकी सूचना पर सीओ सलोन अल्का धर्मराज की अगुवाई में सलोन, डीह और भदोखर थाने की पुलिस पहुंची।
इस दौरान शव का पीएम कराने को लेकर सीओ और परिवारीजनों के बीच तीखी तकरार हुई। एक घंटे तक हंगामे की स्थिति रही।
बाद में सीओ के समझाने पर परिवारीजन शांत हो गए और शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हो गए। सीओ ने बताया कि कोहरे के चलते हादसा हुआ।
परिवारीजन शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर रहे थे, जिस पर पहुंचकर उन्हें शांत करा दिया गया।