- प्रथम पुरस्कार
मुस्तफाबाद बेलहनी में हाईटेक सुविधाएं
लालगंज। मुस्तफाबाद बेलहनी ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, आदर्श स्कूल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, फ्री वाईफाई, फायर अलार्म आदि की सुविधाएं उपलब्ध हैं। पंचायत सचिवालय में सुझाव पेटिका, गार्डन और सेल्फी प्वाइंट भी उपलब्ध है। गांव में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। शासन से तय मानकों को सबसे अधिक पूरा करने का नतीजा रहा कि ग्राम पंचायत को मुख्यमंत्री प्रोत्साहन के रूप में 35 लाख रुपये का प्रथम पुरस्कार मिला है।
- द्वितीय पुरस्कार
लोदीपुर में श्रमिकों का पलायन रोका
खीरों। लोदीपुर गांव में द्वितीय पुरस्कार के रूप में 30 लाख प्रदान किए गए हैं। ओपेन जिम में लोग सेहत बनाते हैं, साथ ही कूड़ा-कचड़ा निस्तारण के भी पूरे प्रबंध किए गए हैं। मनरेगा पार्क और अमृत सरोवर ने गांव की सुंदरता को बढ़ाया है। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प किया गया है, तो संक्रामक रोगों से बचाने के लिए पूरे प्रबंध किए गए हैं। श्रमिकों के पलायन को शत प्रतिशत रोका गया है। ग्राम पंचायत की आय को बढ़ाने का काम किया गया है। संवाद
तृतीय पुरस्कार
नीमटीकर में अमृत सरोवर आकर्षण का केंद्र
बछरावां। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना के तहत 20 लाख रुपये का पुरस्कार पाने वाले नीमटीकर गांव में बना अमृत सरोवर की लखनऊ तक में चर्चा है। जो भी अधिकारी रायबरेली आया, वह यह सरोवर देखने जरूर गया और इसकी तारीफ भी की। गांव को आदर्श बनाने के लिए प्रधान ने हरसंभव प्रयास किया, जिसका नतीजा रहा कि ग्राम पंचायत को पुरस्कार मिलने का मौका मिला। गांव के लोगों के विकास पर भी ध्यान दिया गया। गांव की आय भी बढ़ाई गई।
चतुर्थ पुरस्कार
ओसाह के मॉडल पंचायत घर ने दिलाया पुरस्कार
शिवगढ़। ग्राम पंचायत ओसाह में पंचायत भवन और स्कूल का कायाकल्प कराया गया है। पंचायत भवन को मॉडल बनाया गया है। सीसी रोड, इंटरलाॅकिंग रोड, आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र, अमृत सरोवर, मनरेगा पार्क, अन्नपूर्णा भवन गांव की शोभा बढ़ा रहे हैं। गांव को आदर्श बनाने के साथ ही आय को बढ़ाने का काम किया गया। साफ नालियां और सड़कें गांव में कराए गए विकास कार्यों का सच बयां करती हैं। मनरेगा में श्रमिकों को अधिक से अधिक काम दिया गया।
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। जिले में 980 ग्राम पंचायतें हैं, इनमें से पांच ग्राम पंचायतों ने स्वच्छता और विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करके मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार की हकदार बन गईं हैं। मुख्यमंत्री के मानकों पर खरी पंचायतों को 1.10 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार मिला है। पहले पुरस्कार के रूप में लालगंज के मुस्तफाबाद बेलहनी को 35 लाख रुपये मिले हैं।
गरीबी मुक्त गांव, स्वस्थ गांव, बाल मैत्री गांव, पर्याप्त जलयुक्त गांव, स्वच्छ व हरित गांव, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे वाला गांव, सामाजिक रूप से सुरक्षित गांव, सुशासन व महिला हितैषी गांवों के मानकों को पूरा करने वाली ग्राम पंचायतों को मुख्यमंत्री के स्तर से पुरस्कृत किया जाता है। वर्ष 2024-25 के लिए इन पंचायतों को ऑनलाइन आवेदन के बाद पुरस्कार मिला है।
इन ग्राम पंचायतों को मिली धनराशि
ग्राम पंचायत धनराशि
मुस्तफाबाद बेलहनी (लालगंज) 35,00,000
लोदीपुर (खीरों) 30,00,000
नीमटीकर (बछरावां) 20,00,000
ओसाह (शिवगढ़) 15,00,000
लालूपुर खास (हरचंदपुर) 10,00,000
प्रधान बोले-ग्रामीणों के सहयोग से मिला पुरस्कार
मुस्तफाबाद बेलहनी के प्र्रधान अखिलेश यादव का कहना है कि ग्रामीणों के सहयोग से विकास कराने का मौका मिला और ग्राम पंचायत को पहला पुरस्कार मिला। विकास कार्य को अनवरत जारी रखेंगे। सहज जनसेवा केंद्र और सार्वजनिक पुस्तकालय की शुरुआत भी की गई है। लोदीपुर के प्रधान दयाशंकर यादव व पंचायत सचिव सुशील पटेल का कहना है कि गांव के लोगों का सहयोग न मिलता तो पुरस्कार की उम्मीद नहीं थी। बछरावां के नीमटीकर की प्रधान नीलम वर्मा का कहना है कि सच्चे मन और निस्वार्थ भाव से काम करने पर उसका लाभ मिलता है।
नौ महत्वपूर्ण कार्यों में खर्च होगा बजट
पुरस्कार की धनराशि पाने वाली पंचायतों को नौ कार्यों में ही बजट को खर्च करना होगा। गोसंरक्षण केंद्रों की मरम्मत के साथ ही स्वच्छ भारत मिशन में धनराशि खर्च की जा सकती है। पंचायत घरों के रख-रखाव, जन सुविधा केंद्र के विस्तार व टीकाकरण के लिए कैंप के आयोजन भी करवाए जा सकते हैं। इसके अलावा अन्य जरूरी काम होंगे।
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार योजना में जिले की पांच ग्राम पंचायतों को पुरस्कार मिला है। ग्राम पंचायतों के खातों में कुल 1.10 करोड़ रुपये पुरस्कार के रूप भेजे गए हैं। पंचायतों को नौ कार्यों में ही बजट को खर्च करना होगा।
सौम्यशील सिंह, डीपीआरओ रायबरेली