रायबरेली। सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से पांच और कब्जेदारों के खिलाफ बेदखली का फैसला आया है। शहर से निकली ऐशबाग माइनर के इन कब्जेदारों पर 53.91 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार अब तक 35 कब्जेदारों के खिलाफ बेदखली आदेश के साथ ही 1.55 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगा चुके हैं। जुर्माने की धनराशि को वसूलने के लिए फैसले की कॉपी सदर तहसील को भेजी गई है।
वर्ष 1917 में यह माइनर शहर में अस्तित्व में आई थी। कभी इस माइनर से जिला जेल में खेती होती थी। माइनर की लंबाई करीब 3.300 किलोमीटर और चौड़ाई 18 मीटर है। 30 साल पहले माइनर धरातल से गायब हो गई। कहीं मॉल तो कहीं मकान बन गए। कई जगह नर्सिंग होम खुले हैं। प्रशासन और सिंचाई विभाग के अफसर माइनर पर हुए कब्जे को हटाने में नाकाम साबित हुआ। वर्ष 2017 में जांच के बाद कब्जेदारों को नोटिस दिया गया, लेकिन नतीजा सिफर रहा। पिछले अक्तूबर में माइनर पर कब्जा करके मकान, कांप्लेक्स व अन्य प्रतिष्ठान संचालित करने वाले 92 कब्जेदारों पर सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में मुकदमा किया गया था।
सिटी मजिस्ट्रेट ने गांधी नगर निवासी संजय पर 1861900 रुपये, फिरोज पर 360400 रुपये, नया पुरवा निवासी अंजलि गुप्ता पर 388032, बृजेश कुमार पर 200466 रुपये व क्रांतिपुरी कालोनी निवासी आशा पर 2580864 रुपये का अर्थदंड लगाया है। सभी कब्जेदारों के खिलाफ बेदखली का आदेश भी दिया गया है। कोर्ट से अब तक 35 कब्जेदारों के खिलाफ 1,55,56,000 रुपये का अर्थदंड लगाया जा चुका है। शेष बचे 55 और मुकदमों में सुनवाई चल रही है। जल्द ही कब्जेदारों के खिलाफ फैसला आएगा।
सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार ने बताया कि ऐशबाग माइनर पर कब्जा करने वाले पांच और कब्जेदारों के खिलाफ बेदखली आदेश दिया गया है। कब्जेदारों पर 53.91 लाख रुपये का जुर्माना भी किया गया है। अन्य मुकदमों में भी जल्द ही सुनवाई पूरी करके फैसला दिया जाएगा।