रायबरेली। एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) का कहर जिले में बढ़ता जा रहा है। इसकी चपेट में आने से तीन मासूमों ने पिछले 24 घंटे में दम तोड़ दिया। इसके अलावा बुखार से नवजात व डायरिया की चपेट में आने से वृद्ध की मौत हो गई।
इसमें चार मौतें जिला अस्पताल में और एक मौत डलमऊ सीएचसी में इलाज के दौरान हुई। लगातार मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग बच्चों व अन्य लोगों को संक्रामक रोगों से बचाने में नाकाम है। अधूरी व लापरवाह तैयारियों के कारण ही कहर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है।
मौसम में बदलाव के साथ ही संक्रामक रोगों का कहर बढ़ गया है। जिले के सगरा गांव के दिनेश कुमार ने आठ माह की बच्ची दीपांशी को एईएस की चपेट में आने के बाद जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके अलावा फुरसतगंज थाना क्षेत्र के पूरे धर्मशाह निवासी बबलू ने अपने आठ साल के बेटे को एईएस की चपेट में आने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
उसने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। फुरसतगंज क्षेत्र के ही पूरे बैसन गांव की गुड़िया के नवजात की भी इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। प्रतापगढ़ जिले के पेंडारी उदयपुर निवासी मो. अली (70) की डायरिया की चपेट में आने के बाद जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।