रायबरेली। जिले के दो ब्लॉकों में डलमऊ पंप कैनाल नहर पर क्षतिग्रस्त हुए पांच पुलों का अब नए सिरे से निर्माण होगा। सिंचाई विभाग के प्रस्ताव पर शासन ने हरी झंडी दे दी है। नए पुलों के बनने से 50 हजार लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिलेगी। अरसे से लोग पुलों को बनाए जाने की मांग लोग कर रहे थे।
डलमऊ गंग नहर से पंप कैनाल निकला है। इस नहर से किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। कैनाल नहर में करीब 30 पुल बने हैं, लेकिन पांच पुल क्षतिग्रस्त हैं। किसी की रेलिंग टूटी है तो किसी की छत धंस गई है। इससे पुलों के ऊपर से भारी वाहन नहीं निकल पाते हैं। पुलों के क्षतिग्रस्त होने से चार पहिया वाहन चालकों को कई किमी का चक्कर काटकर निकलना पड़ता है। इससे 50 हजार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ये क्षतिग्रस्त पुल दीनशाह गौरा और जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र में पड़ते हैं। सिंचाई विभाग ने पुलों को नए सिरे से बनाने के लिए शासन को बीते दिनों प्रस्ताव भेजा था। अब शासन ने क्षतिग्रस्त पुलों को नए तरीके से बनाए जाने की संस्तुति की है। नए पुल बनाने में छह करोड़ रुपये का खर्च आएगा। अगले माह तक शासन की ओर से बजट भी उपलब्ध करा दिया जाएगा।
पांच साल से ग्रामीण कर रहे थे नए पुुल का इंतजार
जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के पूरे चिचौली आलम का पुरवा संपर्क मार्ग के बीच पुल जर्जर हैं। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण अशोक कुमार, रमेश शंकर, शिवदुलारे, आशीष सिंह, मनीष कुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र में तीन पुल जर्जर हैं। पांच साल से नए पुल बनने का इंतजार कर रहे थे।
अब उम्मीद बंधी कि नए पुल जल्द बनेगा तो आवागमन में सहूलियत मिलेगी। दीनशाह गौरा के बेहीखोर और अंबारा मथई के पास पुल क्षतिग्रस्त हैं। आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर सबसे ज्यादा स्कूली बच्चों को आने-जाने में परेशानी होती है। पुल से आवागमन बंद होने से दूसरे मार्ग से होकर गंतव्य स्थान जाने में समय लगता है। पुलों के बनने से उनकी समस्या दूर होगी।
जल्द शुरू कराया जाएगा काम
डलमऊ पंप कैनाल के पांच पुलों को चिह्नित किया गया है। ये पुल ज्यादा जर्जर हैं। इनकी जगह नए पुलों का निर्माण कराया जाएगा। पुल बनने से लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिलेगी।
- सुशील कुमार यादव, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग खंड दक्षिणी