रायबरेली में बुधवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय रोखा में परीक्षा देते बच्चे।
रायबरेली। परिषदीय विद्यालयों में बुधवार से प्रथम सत्र की परीक्षाओं की शुरुआत हुई। इसमें कक्षा एक से आठ तक के लगभग दो लाख बच्चे भाग ले रहे हैं। पहले यह परीक्षा 18 से 23 अगस्त तक होनी थी, लेकिन परीक्षा एक हफ्ते के लिए टाल दी गई थी। फिर नए परीक्षा कार्यक्रम के तहत 25 से 30 अगस्त तक परीक्षा होनी थी। सोमवार को बारिश की वजह से स्कूल बंद होने के कारण परीक्षा स्थगित हो गई थी।
जिले में 2,299 परिषदीय विद्यालय हैं, इनमें करीब दो लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। दो पालियों में सुबह 8:30 बजे से 10:30 बजे तक और सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक परीक्षाएं कराई जा रही हैं। बुधवार को प्रथम पाली में कक्षा तीन की हिंदी, कक्षा चार से आठ की सामाजिक विषय और दूसरी पाली में कक्षा दो से आठ की अंग्रेजी विषय की परीक्षा हुई।
जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) दीपक कुमार ने बताया कि प्रत्येक विषय का पूर्णांक 10 अंक का होगा। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सत्रीय परीक्षा एवं मूल्यांकन संबंधी अभिलेख स्कूल में सुरक्षित रखे जाएंगे। परीक्षा के बाद अभिभावकों को स्कूल बुलाकर बच्चों की प्रगति से अवगत कराया जाएगा। परीक्षा के नतीजे आने के बाद जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर मिलेंगे, उनपर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
कड़ी निगरानी में कराई गई परीक्षा
खीरों/डीह। खीरों विकास क्षेत्र के 110 प्राथमिक, 22 उच्च प्राथमिक और 18 कंपोजिट विद्यालय में बुधवार को सत्र की परीक्षाएं शुरू हुईं। बीईओ मुकेश कुमार ने बताया कि सभी विद्यालयों में शासन के निर्देशानुसार परीक्षाएं कराई जा रही हैं। डीह विकास क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय मऊ में 215 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए। प्रधानाध्यापक धीरेंद्र पुरवार ने बताया कि परीक्षा के दौरान कड़ी निगरानी रही। उच्च प्राथमिक विद्यालय रोखा में 158 बच्चों ने परीक्षा दी। प्रधानाध्यापक विजय बहादुर ने परीक्षा के दौरान निगरानी की। उच्च प्राथमिक विद्यालय बिरनावां में 352 बच्चे शामिल हुए। प्रधानाध्यापक कुसुम चंद ने बताया कि नकलविहीन परीक्षा कराई जा रही है।