रायबरेली-बछरावां। लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में दम तोड़ने वाली महिला के दो मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिए गए। पहले लखनऊ से प्रमाणपत्र बनवाया गया, फिर रायबरेली में मौत दिखाकर दूसरा मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया गया। जांच के बाद तत्कालीन पंचायत सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। शनिवार को ग्राम पंचायत अधिकारी ने फर्जी शपथपत्र देकर जाली मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने वाले के खिलाफ बछरावां थाने में एफआईआर दर्ज करा दी।
बछरावां थाना क्षेत्र के बिशुनपुर गांव निवासी मुन्नी देवी पत्नी स्व. राम सिंह की मौत लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में वर्ष 2021 में हो गई थी। मौत के बाद लखनऊ से मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया गया था। बाद में मृतका मुन्नी देवी के पुत्र प्रमोद चौधरी ने ग्राम पंचायत से मां का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए शपथपत्र दे दिया। शपथपत्र में मां की मौत गांव में दिखाई गई थी। तत्कालीन पंचायत सचिव अमरेंद्र कुमार ने मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया था। मृत्यु प्रमाणपत्र के आधार पर जमीन की वरासत कराने का प्रयास किया।
बताते हैं कि आरोपी प्रमोद की बुआ मंजुला ने भी संपत्ति में अपना हिस्सा मांगा। इसको लेकर विवाद शुरू हो गया। उन्होंने पिछड़ा वर्ग आयोग में शिकायत कर दी। शिकायत के बाद हुई जांच में सच सामने आ गया। एक मौत के दो-दो मृत्यु प्रमाणपत्र की पुष्टि होने के बाद तत्कालीन पंचायत सचिव अमरेंद्र कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
शनिवार को बिशुनपुर के ग्राम विकास अधिकारी सुशील कुमार यादव ने बछरावां थाने में प्रमोद चौधरी के खिलाफ मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए फर्जी शपथपत्र देने पर एफआईआर दर्ज करा दी। बछरावां एसओ राजीव सिंह ने बताया कि मामला दर्ज करके विवेचना शुरू करा दी गई है।
वर्ष 2021 में मुन्नी देवी की मौत लखनऊ के बलरामपुर में हुई थी। लखनऊ से मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के बाद फर्जी शपथपत्र देकर यहां से भी प्रमाणपत्र ले लिया गया था। जांच में पुष्टि के बाद तत्कालीन पंचायत सचिव पर कार्रवाई की गई है। फर्जी शपथपत्र देने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर कराई गई है।
सीता राम, सहायक विकास अधिकारी पंचायत बछरावां-रायबरेली