परशदेपुर (रायबरेली)। नसीराबाद थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात बिजली की शार्टसर्किट से आग लगने से एक दुकान और मकान जलकर राख हो गया। आग की लपटें इतनी तेज थी कि आग को काबू करने में लोगों को पसीना छूटा।
जलती आग के बीच सिलेंडर फटने से पांच लोग झुलस गए। सभी को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां इलाज में लापरवाही पर ग्रामीणों ने हंगामा काटा। अंत में लोगों का प्राथमिक उपचार किया गया। घर में बरीक्षा की तैयारियां चल रही थी। टेंट से आया सामान भी जल गया।
पूरे बालादीन मजरे बेढ़ौना गांव निवासी रामशंकर के घर बेटे धर्मराज के बरीक्षा गुरुवार को थी। घर में इसकी तैयारियां चल रही थी। इसी दौरान पास में लगे ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी परचून की दुकान के छप्पर पर गिरी। देखते ही देखते छप्पर में आग लग गई।
जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक आग ने घर को भी अपने चपेट में ले लिया। आग की लपटे इतनी तेज थी की कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। देखते ही देखते घर में रखा सिलेंडर फटने से आग और भड़क गई।
आग बुझाते समय राम भवन, त्रिभुवन, राम पियारी, तौफीक व राजेंद्र कुमार गंभीर रूप से झुलस गए। झुलसे लोगों को ग्रामीणों ने नसीराबाद सीएचसी पहुंचाया। यहां पर इलाज में लापरवाही होने पर ग्रामीणों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
पीड़ित रामशंकर ने बताया कि 21 हजार की नगदी समेत दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बरीक्षा कार्यक्रम के लिए टेंट से चारपाई मंगाई थी। वह भी जलकर गई। क्षेत्रीय लेखपाल जीतेंद्र कुमार ने नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी।
सीएचसी के डॉ. अब्बास ने बताया कि सभी का प्राथमिक उपचार किया गया है। सीएचसी में बर्नवार्ड न होने से सभी को जिला अस्पताल भेजने के लिए कहा जा रहा था। इसी बात का सभी लोग विरोध कर रहे थे। बाद में मामला शांत हो गया।