फुरसतगंज (रायबरेली)। अमेठी जिले के फुरसतगंज क्षेत्र में शनिवार को लपटों ने 11 बीघा गेहूं की फसल को राख के ढेर में तब्दील कर दिया। यह घटना बिजली के खंभे से निकली चिंगारी की वजह से हुई।
इग्रुआ से आए दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई। अग्निकांड में सात किसानों की फसलें जली हैं। लगभग डेढ़ लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत के पूरे नया गांव में दोपहर के वक्त उस समय आग लगी, जब काली देवी के खेत में लगे बिजली के खंभे से चिंगारी निकली। चिंगारी से पहले काली देवी के खेत में आग लगी, फिर बेकाबू लपटों ने पड़ोस के खेतों को भी चपेट में ले लिया।
अग्निकांड में काली देवी, संतोष कुमार मिश्रा, रामेश्वर, राम लखन, चंद्रिका प्रसाद, राम प्यारे, रामफेर के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। सूचना मिलने पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से पहुंची दमकल टीम ने ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई। फुरसतगंज थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची। लेखपाल जितेंद्र यादव ने घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
आग बुझने के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड
डलमऊ (रायबरेली)। तहसील क्षेत्र के नरेंद्रपुर गांव में शनिवार को गेहूं के खेत में लगी आग से लगभग दो बीघा फसल जल गई। सूचना देने के बाद भी दमकल समय से नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने जब आग बुझा ली तो दमकल पहुंची। क्षेत्रीय लेखपाल विनीता सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया। पीड़ित किसान रामरतन ने बताया कि खेत में आग कैसे लगी, इसका पता नहीं चल सका। आग से लगभग 2 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
आग से घर का सारा सामान हुआ राख
राही (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र के गांव बेहटाखुर्द में आग लगने से महिला की सारी गृहस्थी राख हो गई। यह घटना बिटाना के घर में घटी। बिटाना ने बताया कि आग लगने से सारा सामान जल गया। घर में कुछ भी नहीं बचा है। घटना की सूचना राजस्व विभाग को दी गई है, लेकिन अभी तक कोई मुआयना करने नहीं पहुंचा है।
अग्निपीड़ित को नहीं मिली मदद
महराजगंज (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र के पहरावा गांव में चार दिन पहले आग से एक परिवार की सारी गृहस्थी जल गई थी, लेकिन अब तक कोई मदद नहीं मिली। कोई हालचाल लेने भी नहीं पहुंचा। गांव निवासी छोटकी का परिवार एक छप्पर के नीचे गुजर-बसर कर रहा था, जहां 6 अप्रैल को आग लगने से सब कुछ जलकर खाक हो गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि कोई मदद नहीं मिल पाई है।