रायबरेली में विद्युत उपकेंद्र में लगी आग से जले उपकरण।
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खीरों उपकेंद्र में देर रात आग लगने से 50 गांवों के एक लाख उपभोक्ताओं के घरों की बत्ती गुल हो गई। आग लगने से उपकेंद्र में अफरातफरी मच गई। तैनात कर्मचारी केंद्र से बाहर भाग खड़े हुए। आग लगने से 10 एमवीए ट्रांसफार्मर का इनकमिंग फीडर समेत अन्य उपकरण जल गए हैं।
शासन की ओर से करवा चौथ को जिले में निर्बाध आपूर्ति के निर्देश दिए गए थे। देर रात खीरों क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति चल रही थी। इसी दौरान उपकेंद्र के अंदर लगे उपकरणों में आग लग गई। तेज आवाज और आग लगने से उपकेंद्र पर हड़कंप मच गया। कर्मचारी बाहर आ गए।
किसी तरह बिजली की आपूर्ति बंद की गई। तब तक आग से खीरों, पाहो, सतांव फीडर जल गए। इससे क्षेत्र में अंधेरा छा गया। गुरुवार सुबह पावर कॉर्पोरेशन के अफसर मौके पर पहुंचे। उनके अनुसार उपकेंद्र में पांच एमवीए से जुड़े अजीतपुर, निहस्था, विश्वबैंक फीडर ठीक हैं, लेकिन दोनों बड़े ट्रांसफार्मरों की अर्थिंग एक होने के चलते उनकी भी आपूर्ति बंद हैं।
पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी समस्या को दूर कराने में जुटे हैं। बिजली न आने से गुरुवार को जहां ब्लॉक, सीएचसी व बैंकों में काम बाधित रहा। वहीं चार पानी की टंकियों से पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। ऐसे में हैंडपंप पर लोगों को लाइन लगाना पड़ा।
सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को हुई। किसान रामदीन, बंशीलाल, मातादीन, अशोकने बताया धान की अंतिम सिंचाई करनी है। बिजली न आने से नलकूप ठप हैं। एक्सइर्ईएन विवेक खन्ना का कहना है कि उपकेंद्र में 10 एमवीए का इनकमिंग समेत तीन फीडर जले हैं। फीडरों की मरम्मत के लिए बाहर से टीम आ गई है। देर शाम तक आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।