रायबरेली। जिले के दीनशाह गौरा ब्लॉक के मुरैठी में राशन घोटाले उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य आयोग की संस्तुति के बाद कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में आयोग की संस्तुति पर डलमऊ के तत्कालीन आपूर्ति निरीक्षक को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। दिल्ली, मुंबई व अन्य शहरों में रहने वाले लोगों के नाम पर फर्जी प्रॉक्सी करके राशन डकारा गया था। कोटे की दुकान को निरस्त करने के साथ ही वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अमर उजाला में 29 नवंबर को ‘दिल्ली और मुंबई में रहने वालों के नाम डकार रहे राशन’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबरों को संज्ञान में लेते हुए राज्य खाद्य आयोग ने मामले की जांच कराकर रिपोर्ट तलब की थी। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की टीम ने दीनशाह गौरा ब्लॉक के मुरैठी गांव में प्रॉक्सी से राशन वितरण की जांच की थी। लोगों ने बयान दिया था कि दिल्ली, मुंबई, लुधियाना, हिमाचल प्रदेश सहित अन्य स्थानों पर वर्षों से रहने वाले लोगों को हर महीने राशन दिया जा रहा है।
जांच में पाया गया था कि एक साल से सूरत में रहने वाली बिटाना को भी अंत्योदय का राशन दिया जा रहा है। जांच रिपोर्ट के बाद आयोग की संस्तुति पर डलमऊ तहसील के तत्कालीन आपूर्ति निरीक्षक हरेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया था। अब कोटेदार विमला देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। दो साल से लुधियाना में रहने वाली मुरैठी गांव की तारावती पत्नी राम लखन को अंत्योदय कार्ड संख्या 215820139473 के माध्यम से हर महीने से 35 किलो मुफ्त राशन दिया गया। राजरानी पत्नी छेदीलाल के नाम अंत्योदय कार्ड संख्या 215820139494 के माध्यम से राशन दिया गया वह मुंबई में कई वर्षोें से रहती है।
साल में एक-दो बार आती है, लेकिन उसे भी हर महीने 35 किलो राशन दिया गया। नवंबर महीने में भी प्रॉक्सी से राशन दिया गया। रेनू अपने पति के साथ दिल्ली में एक साल से रह रही थी। मायादेवी हिमाचल प्रदेश में एक साल से रह रही थी। गीता देवी लुधियाना और भारती गोंडा में रह रही थीं, लेकिन सभी को पात्र गृहस्थी का राशन लगातार दिया गया।
उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य आयोग की संस्तुति की संस्तुति पर मुरैठी कोटेदार के खिलाफ आपूर्ति निरीक्षक ने मुकदमा दर्ज करा दिया है। दुकान को निरस्त करने के साथ ही रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू करा दी गई है। डलमऊ के तत्कालीन आपूर्ति निरीक्षक पहले से सस्पेंड हैं। वह बरेली जिले से संबद्ध हैं।- सुरेश कुमार, प्रभारी डीएसओ