रायबरेली। बछरावां कोतवाली में तैनात दरोगा और बछरावां भाजपा मंडल अध्यक्ष समेत नौ लोगों के खिलाफ हरचंदपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। दरोगा पर एनकाउंटर के नाम पर रुपये लेने, धमकी देने व अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पिटाई करने का आरोप है। यह एफआईआर कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई है। मामले की विवेचना हरचंदपुर थाना प्रभारी हरिकेश सिंह को सौंपी गई है।
हरचंदपुर थाना क्षेत्र के दाऊदपुर गांव निवासी विश्वास उर्फ सौरभ ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर बताया कि बीती 18 जून की रात वह घर पर सो रहे थे। रात करीब दो बजे कुछ लोगों ने घर का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलते ही सभी लोग उन्हें पीटने लगे। उन्हें अपने साथ ले जाने लगे। मां ने रोका तो कहा कि हम लोग बछरावां कोतवाली से आए हैं, दरोगा हैं। मेरे लिए एक लाख रुपये का प्रबंध करो, नहीं तो तुम्हारे लड़के का एनकाउंटर कर देंगे। डर के कारण मां ने घर में रखे 45 हजार रुपये दे दिए। बाद में उसे गाड़ी में बैठाकर बछरावां कोतवाली ले जाया गया।
दूसरे दिन 19 जून को सुबह दरोगा ने लॉकअप से निकाला। इस दौरान अन्य लोग आ गए। सभी ने उनकी फिर पिटाई कर दी। इससे वह बेहोश हो गया। पीडि़त के मुताबिक हालत गंभीर होने पर 24 जून को आरोपियों ने उनकी मां को कोतवाली बुलाया और कहा कि बेटे को ले जाकर इलाज कराओ।
पीडि़त का आरोप है कि उसे सात दिन तक बेवजह लॉकअप में रखा गया। उसने घटना की शिकायत संबंधित कोतवाली के अलावा पुलिस अफसरों से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया।
हरचंदपुर थाना प्रभारी हरिकेश सिंह ने बताया कि बछरावां कोतवाली में तैनात दरोगा जीतेश सिंह के अलावा विशुनपुर रोड निवासी भाजपा मंडल अध्यक्ष बछरावां प्रवेश वर्मा, नीमटीकर गांव निवासी शिव कुमार और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रकरण की विवेचना की जा रही है। उधर, भाजपा मंडल अध्यक्ष का कहना है कि मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं हैं। बेवजह उन्हें बदनाम किया जा रहा है।